रायपुर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुर्बानी का त्योहार बकरीद पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। सूबे की राजधानी रायपुर में पहली नमाज छोटापारा मस्जिद में अता की गई।
राजधानी की करीब 50 मस्जिदों में बकरीद की विशेष नमाज अता की गई और अमन-चैन की दुआ मांगी गई। मस्जिदों में नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे को ईद उल अज्हा की मुबारकबाद दे रहे हैं। इसी तरह प्रदेश के अन्य जिलों कस्बों से भी त्योहार मनाए जाने की खबरें आ रही हैं।
ईद-उल-अज्हा (बकरीद) पर्व मीठी ईद यानी ईद उल फितर के दो महीने दस दिन बाद मनाई जाती है। कहा जाता है कि एक बार अल्लाह ने पैगम्बर इब्राहिम का इम्तिहान लेने के लिए उनसे उनकी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने को कहा।
इब्राहिम को अपना बेटा इस्माइल सबसे प्रिय था। अल्लाह के हुक्म पर वह अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए तैयार हो गए। इब्राहिम बेटे इस्माइल को जंगल में ले जाकर धारदार हथियार से काटने ही वाले थे, तभी आसमान से अल्लाह की आवाज आई, “ठहर जा। तू इम्तिहान में कामयाब हो गया। तू बेटे की जगह बकरा, भेड़ या ऊंट की कुर्बानी भी दे सकता है।”
इस घटना के बाद से बकरीद त्योहार मनाने की शुरुआत हुई। तब से मुस्लिम समुदाय इसी परंपरा के तहत यह त्योहार मनाते आ रहे हैं।
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