पोर्ट ऑफ स्पेन (त्रिनिदाद), 30 सितम्बर (आईएएनएस)। फीफा के पूर्व उपाध्यक्ष जैक वार्नर ने अपने ऊपर आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने के समय पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए फीफा पर मुख्य मुद्दे से भटकाने का आरोप लगाया है।
समाचार एजेंसी सीएमसी के अनुसार, वार्नर ने कहा है कि यह कोई संयोग नहीं है कि मुझ पर उसी समय आजीवन प्रतिबंध लगाया गया है, जब फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लाटर की आपराधिक कुप्रबंधन और धनराशि में गड़बड़ी के आरोप में स्विस अधिकारी जांच कर रहे हैं।
वार्नर ने मंगलवार को कहा, “मैं 2011 में ही फीफा से अलग हो गया था और उसके चार साल पांच महीने बाद फीफा यदि मुझ पर आजीवन प्रतिबंध लगाना चाह रही है, वह भी बिना किसी सुनवाई के तो ठीक है।”
वार्नर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इससे फीफा चारो ओर से लगे भ्रष्टाचार के मामलों से ध्यान भटका पाएगी, जैसा कि वह चाहती है। ब्लाटर के साथ वहां ज्यूरिख में जो कुछ हो रहा है उससे मुझे यह महज संयोग नजर नहीं आता।”
गौरतलब है कि अमेरिकी अदालत में रिश्वत लेने के मामले में आरोपित वार्नर पर फीफा ने मंगलवार को हर तरह की फुटबाल गतिविधियों में हिस्सा लेने से आजीवन प्रतिबंध लगा दिया।
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