उन्होंने कहा कि जेएसपीएल देश की एकमात्र कंपनी होगी, जिसके पास इस तरह की रेल बनाने की क्षमता है।
देश की सबसे लंबी रेल की पहली खेप संयंत्र से रवाना करने के बाद जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 260 मीटर लंबी वेल्डेड रेल तैयार करना समूह के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस दिन का वे पिछले 15 वर्षों से इंतजार कर रहे थे। यह एक सपना साकार होने के समान है। उन्होंने इसका श्रेय अपने पिता स्व. ओमप्रकाश जिंदल के आशीर्वाद और पूरी टीम के समन्वित प्रयास को दिया।
जिंदल ने कहा कि रेल निर्माण के क्षेत्र में आई इस क्रांति का लाभ भारतीय रेलवे को भी मिलेगा। पहले देश में रेल निर्माण के क्षेत्र में सेल का एकाधिकार था। अब जेएसपीएल के आने से इस क्षेत्र में भी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
साफ है कि भारतीय रेलवे को अब बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद किफायती दरों पर मिलेंगे। इसका सीधा फायदा रेलवे का उपयोग करने वाले करोड़ों लोगों को मिलेगा।
उन्होंने कहा, “भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से है। यह पर्यावरण के अनुकूल, किफायती और सुविधाजनक भी है। हमारी कोशिश अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित और सस्ती रेल का निर्माण करते हुए इस क्षेत्र में अधिकतम योगदान करने की है।”
जिंदल ने बताया कि जेएसपीएल दुनिया की सबसे लंबी 121 मीटर लंबाई वाली रेलपांत बना रही है। वर्ष 2001 में रेल यूनिवर्सल बीम मिल्स की स्थापना के समय कंपनी की योजना सामान्य लंबाई वाली रेल बनाने की थी, लेकिन फिर हमने दुनिया की सबसे लंबी रेल बनाने की ठानी और इसी संयंत्र में यह करिश्मा कर दिखाया।
उन्होंने कहा कि डीएफसीसीआईएल की मांग के अनुरूप अभी 260 मीटर लंबी वेल्डेड रेल पैनल की सप्लाई की गई है। इसमें 87 मीटर की 3 रेलपांत को अत्याधुनिक तकनीक की मदद से वेल्ड किया गया है, जल्द ही कंपनी 120 मीटर की 4 रेलपांत को जोड़कर 480 मीटर लंबी रेलपांत बनाने की भी तैयारी में है।
यह भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में रेलपांत निर्माण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। मेक इन इंडिया मिशन पर पूछे गए सवाल के जवाब में जिंदल ने कहा कि जेएसपीएल समूह शुरू से ही इसका पक्षधर रहा है। देश की सबसे लंबी रेल का निर्माण भी मेक इन इंडिया का एक बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि लंबी रेलपांत का आयात संभव नहीं है। हम देश में ही सबसे लंबी रेलपांत बनाकर रेल नेटवर्क के विकास में बड़ा योगदान दे रहे हैं।
जेएसपीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं ग्रुप सीईओ रवि उप्पल ने कहा कि कंपनी निर्माण के क्षेत्र में भी नई क्रांति लाने की तैयारी में है। जेएसपीएल की कंस्ट्रक्शन मटेरियल इकाई स्टील और स्पीड फ्लोर का उपयोग कर गगनचुंबी इमारतें बेहद कम समय में बनाने की शुरुआत कर रही है। नोएडा में कंपनी ने 36 मंजिलों का एक भवन महज 180 दिनों में तैयार कर दिया। अभी कई और परियोजनाओं पर काम चल रहा है। भविष्य में यह तकनीक निर्माण क्षेत्र की सूरत ही बदल देगी।
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