नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। नया घरेलू गैस मूल्य तेल उत्खनन और उत्पादन कंपनियों को नया निवेश करने से हतोत्साहित करेगा। यह बात रविवार को अमेरिकी रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने कही।
नया मूल्य 3.82 डॉलर प्रति यूनिट एक अक्टूबर से छह महीने के लिए लागू है।
एसएंडपी ने एक बयान में कहा, “सरकार की निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और फार्मूला के आधार पर गैस मूल्य तय कर पारदर्शिता बढ़ाने की योजना अच्छे इरादे से की गई है।”
बयान में कहा गया है, “गत एक साल से कीमत में गिरावट के कारण हालांकि उत्खनन परियोजना की व्यवहार्यता घटी है।”
एजेंसी ने कहा कि भारत को उन देशों की तरह गैस मूल्य निर्धारित करना चाहिए, जहां गैस की कमी है, उनकी तरह नहीं, जहां गैस की प्रचुरता है।
घरेलू गैस मूल्य गत एक तिमाही में अमेरिका के हेनरी हब, ब्रिटेन के नेशनल बैलेंसिंग पॉइंट और कनाडा के अल्बर्टा और रूस की कीमतों के भारित औसत के आधार पर तय किया जाता है।
एसएंडपी ने कहा कि भारतीय मूल्य इस क्षेत्र के अन्य देशों के मूल्यों से कम है, इससे उत्खनन में पूंजी निवेश हतोत्साहित होगा।
एजेंसी ने कहा, “निजी क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों द्वारा देश में निवेश काफी कम रहा है और संशोधित मूल्य के कारण पूंजीगत खर्च की उनकी योजना में अनिश्चितता बनी रहेगी।”
तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम के वित्त निदेशक ए.के. श्रीनिवासन ने यहां आईएएनएस से कहा कि मूल्य घटाए जाने से ओएनजीसी जैसी कंपनियां प्रभावित होंगी, जिनका लाभ 1,059 करोड़ रुपये घट जाएगा।
नया मूल्य 4.66 डॉलर प्रति यूनिट के ग्रॉस कैलोरिफिक मूल्य आधारित पुराने मूल्य से 18 फीसदी कम है।
नेट कैलोरिफिक मूल्य के आधार पर नया मूल्य एक अक्टूबर से 31 मार्च, 2016 तक 4.24 डॉलर प्रति यूनिट होगा, जो अभी 5.18 डॉलर है।
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