नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। बंदरगाह आधारित विकास योजना ‘सागरमाला’ पर सोमवार को एक उच्चस्तरीय समिति की बैठक होगी। यह बात एक आधिकारिक बयान में कही गई है।
समिति में राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (नीति) आयोग के उपाध्यक्ष, संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मंत्री और 10 तटवर्ती राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं।
10 तटवर्ती राज्यों में हैं आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल।
राष्ट्रीय सागरमाला सर्वोच्च समिति (एनएसएसी) की यह प्रथम बैठक होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
जहाजरानी मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “बैठक की कार्यसूचियों में शामिल हैं एनएसएसी के गठन और कार्यक्षेत्र, सागरमाला अवधारणा तथा इस पर केंद्र सरकार के फैसलों पर चर्चा।”
बैठक में सागरमाला इंस्टीट्यूशनल मैकेनिज्म की स्थापना पर उठाए गए कदमों और तटवर्ती राज्यों की सहभागिता पर भी चर्चा होगी।
सागरमाला कार्यक्रम के मुद्दों, परियोजना की पहचान और कार्यान्वयन में राज्यों की भूमिका पर भी बैठक में चर्चा होगी।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में जहां रेलवे की नौ फीसदी और सड़कों का छह फीसदी योगदान होता है, वहीं बंदरगाहों का सिर्फ एक फीसदी ही योगदान होता है।
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