कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के गेरुआ और कौड़ियाला नदियों में डॉल्फिन का प्रवास होता है। दोनों नदियों में लगभग 60 डॉल्फिन जलविहार करती हैं। इसके शिकार पर प्रतिबंध है।
डीएफओ तिवारी का कहना है कि मृत डॉल्फिन काफी विशालकाय है। लग रहा है कि उसकी स्वाभाविक मौत हुई है। उन्होंने कहा कि डॉल्फिन का शव मिलने की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। शव के पोस्टमॉर्टम के लिए सीवीओ को पत्र लिखा गया है। तीन डॉक्टरों का पैनल रविवार को डॉल्फिन का पोस्टमार्टम करेगा। इसके बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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