जानकारी के मुताबिक, स्थानीय जेल रोड रमेडी निवासी अरविंद तिवारी ने नटराज ऑटो मोबाइल्स यमुना पुल से गाड़ी खरीदी थी और उनका कहना है कि नई बॉडी के नाम पर पुरानी बॉडी लगाई गई है। अरविंद ने वाद दायर करते हुए 4 लाख 10 हजार रुपये दिलाने की मांग की थी।
इस पर उन्होंने प्रबंधक नटराज ऑटो मोबाइल्स के अलावा प्रबंधक वीसी मोटर्स कानपुर एवं प्रबंधक महिंद्रा एंड महिंद्रा को पार्टी बनाते हुए कहा था कि वर्ष फरवरी 2014 मंे उनकी गाड़ी में बॉडी के नाम पर धोखा किया गया है।
फोरम ने दोनों पक्षों को तलब किया गया। विपक्षी का कहना था कि परिवाद सुनने योग्य नहीं है, निरस्त किया जाए। फोरम ने इस परिवाद को स्वीकार किया और आदेशित किया कि परिवादी की गाड़ी में नई बॉडी लगाई जाए। ऐसी स्थिति में परिवादी द्वारा नई बॉडी के लिए जो राशि जमा की थी, उसे वापस की जाए।
आर्थिक व मानसिक क्षतिपूर्ति के मद में भी विपक्षी से 25 हजार रुपये तथा वाद के मद में पांच हजार रुपये परिवादी को 45 दिन के अंदर अदा करने के आदेश दिए गए हैं। उनका कहना है कि यदि इसका पालन नहीं किया गया तो विपक्षी को निर्णय की तिथि से 10 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
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