मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल शिवसेना ने स्याही विवाद को तूल दिए जाने पर कटाक्ष करते हुए गुरुवार को कहा कि चूंकि पाकिस्तान से यहां आने वाला हर व्यक्ति ‘शांति का दूत’ है, इसलिए हाल ही में भारत में घुसपैठ करने वाले तीनों आतंकवादियों के साथ भी शांतिदूत जैसा बर्ताव होना चाहिए।
ताजा खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मुंबई में घुस आए हैं और यहां 26/11 जैसे हमले को दोहराने की फिराक में हैं।
शिवसेना ने गुरुवार को पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को सतर्क कर दिया है और तीनों आतंकवादियों को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। यह आतंकवादी तिकड़ी दिवाली या नवरात्र जैसे त्योहारों पर भीड़भाड़ वाली जगह हमले कर सकती है।
पार्टी ने पिछले दिनों पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद अहमद कसूरी की एक किताब के विमोचन समारोह की मेजबानी करने वाले वरिष्ठ पत्रकार और ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ओआरएफ) के अध्यक्ष सुधींद्र कुलकर्णी पर तंज कसते हुए संपादकीय में आश्वस्त किया कि राज्य के लोगों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ‘पाकिस्तान प्रेमी शांति के नए राजदूत’ ने देश को इन आतंकवादियों से बचाने की जिम्मेदारी ली है।
शिवसेना ने व्यंग्यात्मक ढंग से मांग करते हुए कहा, “क्योंकि पाकिस्तान से यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति शांति का दूत है, तो इन तीनों आतंकवादियों के साथ भी शांति के दूतों जैसा बर्ताव किया जाना चाहिए। हमें उनके लिए रेड कारपेट बिछाना चाहिए और उन्हें उच्चतम सुरक्षा दी जानी चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि कसूरी की किताब के विमोचन से ठीक पहले शिवसेना कार्यकताओं ने कुलकर्णी के चेहरे पर स्याही पोत दी थी। इस घटना की देश-विदेश में व्यापक निंदा की गई और बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे दुखद बताया था।
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