भोपाल, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अवर्षा के चलते सोयाबीन की फसल बुरी तरह चौपट हो गई है, किसानों को कितना नुकसान हुआ है और उन्हें किस तरह इस संकट से उबारा जा सकता है, यह जानने के लिए भोपाल में तैनात प्रशासनिक सेवा के अफसर 313 विकास खंडों में तीन दिन तक रहकर किसानों से चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को भी किसानों की समस्या और खेती की स्थिति पर अफसरों से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि किसानों को वर्तमान हालात से घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार उन्हें इस संकट से उबारने के हर संभव प्रयास करेगी। सरकार किसानों की हर संभव मदद के लिए वचनबद्ध है।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों का हाल जानने के लिए भोपाल में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा और वन सेवा के अधिकारी 25 से 27 अक्टूबर तक विकास खंडों पहुंचेंगे और किसानों की बात सुनेंगे। इसके बाद 31 अक्टूबर को भोपाल में कृषि टास्क फोर्स की बैठक होगी, जिसमें कई विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
चौहान ने आगे कहा है कि खेती के पेटर्न में बदलाव की जरूरत है, इस बात का भी अध्ययन किया जा रहा है कि अल्पकालिक और दीर्घ कालिक रणनीति कैसी बनाई जाएगी। सरकार की ओर से यह भी प्रयास होंगे कि इस वर्ष के संकट से किसानों के उबारने के साथ रबी की फसल की बुवाई समय से हो जाए और पानी की समस्या न आए।
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