भोपाल, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित की गई ‘चाय पर चर्चा’ की तर्ज पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मध्य प्रदेश इकाई ने 26 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में तुअर दाल की बढ़ती कीमतों को लेकर ‘दाल पर चर्चा’ का आयोजन किया है। यह चर्चा प्रदेश के हर शहर के चौराहों पर होगी।
माकपा के प्रदेश सचिव बादल सरोज ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि लगातार आसमान छूती दाल की कीमतों से परेशान जनता के लिए 26 अक्टूबर को प्रदेश के तमाम शहरों और कस्बों में ‘दाल पर चर्चा’ का आयोजन किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि इस चर्चा के लिए शहर के चौराहों और आम स्थानों पर लोग एकत्र होंगे। अरहर (तुअर) की दाल पकाई जाएगी और इस बीच लोग दाल की बेतहाशा बढ़ती कीमतों सहित महंगाई के ‘अच्छे दिनों’ के बारे में गहन चर्चा करेंगे।
बादल ने कहा कि राज्य में दाल संग्रहण कानून के तहत एक दिन की छापेमारी के बाद तीन दिन के लिए कार्रवाई को रोक देने की सार्वजनिक घोषणा और इसी बीच जमाखोरी की सीमा दो हजार टन से बढ़ाकर चार हजार टन कर दिया जाना, दाल की दलाली की आशंका को उजागर करता है। इसलिए इस चर्चा में एक बड़ा मुद्दा दाल के जमाखोरों पर छापों के अचानक रोके जाने का भी होगा। इसका विषय ‘इतनी देर में छापे क्यों? इतनी जल्दी रोके क्यों?’ है।
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