छपरा/हाजीपुर, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अब लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के दिन लद चुके हैं। उन्होंने सत्ताधारी महागठबंधन को ‘महास्वार्थबंधन’ करार देते कहा कि दंभ, दमन और दगा इस गठबंधन की पहचान हैं।
मोदी ने सारण के मढ़ौरा और हाजीपुर में अलग-अलग चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, “अगर बिहार को बचाना है, बिहार को बदलना है तो उसका एक ही रास्ता है और वह है विकास। सभी दुखों की एक ही दवा है विकास।”
उन्होंने दाल की बढ़ी कीमत के लिए नीतीश सरकार को दोषी बताते हुए सवालिया लहजे में कहा, “नीतीश बाबू! बताइए जमाखोरों को आपने क्यों शरण दी है? इनकी जमाखोरी पर क्यों नहीं छापामारी की जा रही है? पूरे देश में छापामारी कर 75 हजार किलोग्राम टन दाल जब्त की गई। बिहार ही एक ऐसा राज्य है, जहां जमाखोरों पर कार्रवाई नहीं की गई।”
मोदी ने राघोपुर विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के लिए इशारों ही इशारों में लालू प्रसाद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राघोपुर ने मुख्यमंत्री दिया, लेकिन आज तक यहां एक पुल नहीं बन पाया है। गंगा और गंडक नदी से घिरे यहां के लोगों को आज भी नाव के सहारे ही गांव पार करना पड़ता है।
उन्होंने रैली में जुटी विशाल भीड़ से उत्साहित होकर कहा, “यह चुनावी सभा रैली और रैला नहीं, बल्कि परिवर्तन के संकल्प का मेला लग रही है। साफ दिख रहा है कि आठ नवंबर को जब चुनाव परिणाम आएगा तो बिहार की दिवाली कैसी होगी।”
उन्होंने कहा, “यह चुनाव बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए दो-दो दिवाली लेकर आएगा।”
मोदी ने लालू के खुद को ‘बड़ा तांत्रिक’ बताने पर तंज कसते हुए कहा, “लोकतांत्रिक नीतीश जी और देश के महान तांत्रिक लालू जी अपने 25 साल के शासनकाल का हिसाब नहीं दे रहे हैं। यह लोकतंत्र का अपमान है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता चुनावी सभाओं में जहां विकास की बात करते हैं, वहीं लालू और नीतीश की 80 फीसदी सभा में इसी बात पर चर्चा होती है कि मोदी ने यह किया, मोदी ने वह किया।
नीतीश के कांग्रेस के साथ आने पर मोदी ने कटाक्ष करते हुए कहा, “पड़ोस में बलिया के माननीय चंद्रशेखर ने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया और जयप्रकाश (जे.पी.) की शरण में आ गए, लेकिन नीतीश की मौकापरस्ती देखिए, वह जे.पी. को छोड़कर कांग्रेस की शरण में पहुंच गए हैं।”
महागठबंधन को ‘महास्वार्थबंधन’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि पहले इस महागठबंधन में तीन खिलाड़ी थे, लेकिन अब एक तांत्रिक भी आ गया है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या लोकतंत्र के साथ ऐसा खिलवाड़ हो सकता है?
मोदी ने लालू को नसीहत देते हुए कहा, “लालू जी आप काला कबूतर काटो, मिर्चा जलाओ, लेकिन साथ में आप अपने दल का नाम बदल कर ‘राष्ट्रीय जादू-टोना पार्टी’ भी कर लो। लोकतंत्र जादू-टोने से नहीं चलता है, यह जनता के आशीर्वाद से चलता है।”
मोदी को राज्य में रविवार को चार चुनावी रैलियों को संबोधित करना है।
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