नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार को कहा कि भारत के बिना दुनिया से नहीं जुड़ा जा सकता।
यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में छात्रों से मुखातिब जुकरबर्ग ने कहा, “भारत में लोगों के साथ जुड़ना काफी जरूरी है। भारत उन देशों में से एक है, जिसके साथ जुड़े बिना आप विश्व से नहीं जुड़ा सकते।”
जुकरबर्ग ने यहां स्कूल खोलने की योजना को स्पष्ट कर भारत के लिए अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
उन्होंने कहा, “शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए हमने अफ्रीका में इंटरनेट सक्षम बुनियादी ढांचे से युक्त स्कूल खोले हैं और भविष्य में दिल्ली में ऐसे स्कूल खोलने की योजना का हम मूल्यांकन कर रहे हैं।”
नेट निरपेक्षता तथा इंटरनेट डॉट ओआरजी के बारे में पूछे जाने पर जुकरबर्ग ने कहा कि यह इंटरनेट से जुड़ने की तीन समस्याओं- उपलब्धता, सामथ्र्य व जागरूकता का समाधान करती है।
अपने इंटरनेट डॉट ओआरजी की तरह खुला इंटरनेट प्लेटफॉर्म की जरूरत को दोहराते हुए जुकरबर्ग ने कहा, “उपग्रह के माध्यम से इंटरनेट की उपलब्धता में सहायता करने की हमारी कोशिश जारी है।”
उन्होंने कहा, “हमने हमेशा नेट निरपेक्षता के नियमों का समर्थन किया, लेकिन कई देशों में इसके लिए अब तक कोई नियम नहीं हैं। जितनी जल्दी हो सके वहां नियम लागू होंगे, क्योंकि हम 100 फीसदी नेट निरपेक्षता के पक्ष में हैं।”
जुकरबर्ग ने कहा, “इंटरनेट डॉट ओआरजी के तहत कुछ वेबसाइटों तक मुफ्त में पहुंच प्रदान करने का मकसद अरबों लोगों को इंटरनेट से जोड़ना है। इसका मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, न तो उपभोक्ताओं को और न ही संचालकों को।”
फेसबुक प्रमुख ने हॉल में मौजूद 1,100 लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, “कोई भी डेवलपर जो कम डेटा खर्च करने वाला कंटेट विकसित करता है, वह इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा हो सकता है।”
जुकरबर्ग ने कहा, “इंटरनेट डॉट ओरआरजी वर्तमान में 24 देशों में उपलब्ध है और इसके करोड़ों सब्सक्राइबर हैं। केवल भारत में इसके लगभग 10 लाख सब्सक्राइबर हैं।” उन्होंने उस शोध का हवाला दिया जिसके मुताबिक, इंटरनेट से जुड़े 10 लोग एक व्यक्ति को गरीबी के दलदल से बाहर निकालते हैं।
वर्तमान में नेट निरपेक्षता को लेकर भारत में कोई कानून नहीं है। संचार व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने लोकसभा में एक जवाब में कहा, “दूरसंचार विभाग की एक कमेटी ने नेट निरपेक्षता पर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। यह हालांकि न तो अंतिम रिपोर्ट है और न ही सरकार ने कोई अंतिम विचार व्यक्त किया है।”
जुकरबर्ग ने कहा, “हम संचार को अधिक से अधिक प्रभावी व बेहतर बनाने को लेकर काम कर रहे हैं, यही कारण है कि हमने ओक्यूलस रिफ्ट के साथ शोध के लिए गठबंधन किया है।”
उन्होंने शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए फेसबुक में सुधार के संकेत दिए। उन्होंने कहा, “मानव को बेहतर तरीके से समझने को लेकर कंप्यूटर प्रणाली में सुधार के लिए हम कृत्रिम बुद्धिमता पर काम कर रहे हैं।”
फेसबुक प्रमुख ने कहा, “अगले पांच से 10 साल में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए फेसबुक टाइमलाइन, पिक्चर मैसेज व पिक्चर कैप्शन को पढ़ने में सक्षम हो सकता है।”
जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि वह यहां आकर काफी उत्साहित हैं और यहां की ऊर्जा अद्भुत है।
dharmpath.com dharmpath