श्रीनगर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का आतंकवादी और पांच अगस्त को उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के काफिले पर हमले का मुख्य साजिशकर्ता अबु कासिम मारा गया। सुरक्षा बलों ने जम्मू एवं कश्मीर में उसे एक मुठभेड़ में मार गिराया।
एक पुलिस अधिकारी ने यहां आईएएनएस को बताया, “अबु कासिम को कुलगाम जिले के खांडेपोरा गांव में सुरक्षाबलों ने बुधवार रात की गई कार्रवाई में मार गिराया।”
अधिकारी ने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ चल रहे अभियानों में अबु कासिम का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है।”
सुरक्षा बलों ने अबु कासिम की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की थी।
अबु कासिम का असली नाम अब्दुल रहमान था और वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर जिले का निवासी था। वह पिछले करीब पांच साल से राज्य में सक्रिय था और जम्मू एवं कश्मीर में सर्वाधिक वांछित (मोस्टवांटेड) आतंकवादी कमांडर था।
कश्मीर क्षेत्र के महानिरीक्षक सैयद जावेद मुजतबा गिलानी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सुरक्षाबलों ने कुलगाम जिले में रात करीब दो बजे कासिम में मार गिराया। उसकी मौत राज्य में आतंकवादी ताकतों के लिए एक बड़ा झटका है।”
अबु कासिम उधमपुर हमले का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसमें बीएसएफ के दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे, जबकि 11 अन्य घायल हो गए थे।
उधमपुर हमले में एक आतंकवादी मौके पर ही मारा गया था, जबकि एक अन्य नावेद को गांववालों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस मामले की जांच कर रही है। नावेद और उसके दो स्थानीय साथी इस समय जम्मू की जेल में बंद हैं।
गिलानी ने इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य पुलिस के संयुक्त दल की खुफिया जानकारी पर सेना की आतंकवाद रोधी राष्ट्रीय रायफल्स ने कार्रवाई की और बुधवार शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के खांडेपोरा गांव में तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमारे पास जानकारी थी कि अबु कासिम खांडेपोरा गांव में छिपा हुआ है। इसके आधार पर हमने उसका घेराव किया। उसने घेराव तोड़ने की कोशिश की और मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड़ कुछ ही देर चली।”
उन्होंने बताया, “उसका एक साथी अंधेरे की वजह से भागने में सफल रहा, लेकिन घेराव टूटा नहीं है, हमें उम्मीद है कि उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि अबु कासिम कश्मीर क्षेत्र में पिछले तीन साल में लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों में सीधे या परोक्ष रूप से शामिल था।
उन्होंने कहा, “वह अन्य आतंकवादी संगठनों, जैसे हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ भी काम कर रहा था और उसकी मौत लश्कर के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य के कई आतंकवादी संगठनों के लिए भी बड़ा झटका है।”
उन्होंने बताया, “अबु कासिम इस महीने की शुरुआत में आतंकवाद निरोधक टीम के शीर्ष पुलिस अधिकारी मोहम्मद अलताफ डार की हत्या और पांच अगस्त को उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमले में भी शामिल था।”
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