जबलपुर, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आई शिकायतों की जांच से जुड़े दो शिक्षकों को लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ये शिक्षक मामले को दबाने के एवज में 10 हजार रुपये ले रहे थे। उनके एक अन्य साथी को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
लोकायुक्त के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) आर.पी. तिवारी ने बताया कि मनीष पटेल नामक एक व्यक्ति ने सीएम हेल्पलाइन में जबलपुर के नारायणपुर बरगी में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ कैलाश उइके के खिलाफ अतिथि शिक्षक भर्ती में अनियमितताएं व भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।
शिकायत की जांच की जिम्मेदारी जबलपुर जनपद शिक्षा केंद्र में विकासखंड स्रोत समन्वयक के पद पर पदस्थ शिक्षक मुकेश श्रीवास्तव व बरगी में पदस्थ जन शिक्षक प्रीतम सैय्याम को सौंपी गई थी। प्रीतम ने जांच खत्म करने के एवज में सहायक शिक्षक से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सहायक शिक्षक ने इसकी सहायक लोकायुक्त से की थी।
डीएसपी तिवारी ने बताया कि जनशिक्षक प्रीतम सैय्याम अपने साथी सहायक अध्यापक गिरधर गोपाल पटेल के साथ रिश्वत लेने गुरुवार को उच्च न्यायालय चौक पर आए।
प्रीतम के कहने पर शिकायतकर्ता ने जैसे ही रिश्वत की रकम 10 हजार रुपये गिरधर को दी, लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत दोनों शिक्षकों सहित मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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