पटना, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव में चौथे चरण का मतदान होने के एक दिन पहले, शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘विकास, विकास और केवल विकास’ की रट लगाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोल बदलते देख उन्हें नसीहत दी कि वह बिहार के चुनाव को सांप्रदायिक बनाना बंद करें।
नीतीश ने प्रधानमंत्री को आरक्षण के मुद्दे पर बहस करने को लेकर चुनौती देते हुए ट्वीट किया, “मोदी जी, आप जब कहें मैं आरक्षण के मुद्दे पर बहस करने को तैयार हूं। आप लोगों को बरगलाना बंद करें और बिहार चुनाव को सांप्रदायिक बनाना भी बंद करें।”
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बिहार की एक चुनावी रैली में कहा था, “नीतीश कुमार ने 24 अगस्त, 2005 को ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। लेकिन जब मैंने आरोप लगाया कि वे अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े और अति पिछड़ों के आरक्षण कोटा में से पांच प्रतिशत एक समुदाय (संप्रदाय) विशेष को दे देंगे तो वे अपना आपा खो बैठे। भारतीय संविधान के निर्माता भी धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ थे।”
इस बीच भाजपा ने शनिवार को पटना से प्रकाशित कई समाचार पत्रों में नीतीश के 24 अगस्त, 2005 को संसद में दिए भाषण के अंश भी विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित करवाया है।
बिहार विधानसभा चुनाव में चौथे चरण का मतदान रविवार को होना है।
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