पुलिस ने भी लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उपद्रवियों की तरफ से फायरिंग किए जाने का भी आरोप लगा रही है।
जिले के टांडा विकासखंड क्षेत्र की मतगणना का कार्य रविवार की सुबह से शांतिपूर्वक चल रहा था। रात में पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की पत्नी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष शोभावती वर्मा का अभिकर्ता उनका पुत्र विकास वर्मा और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हो जाने के बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विकास शोभावती का अभिकर्ता था और मतगणना कराने के लिए अंदर जा रहा था। पुलिसकर्मियों ने विकास को गेट पर ही रोक लिया, जिसको लेकर दोनों पक्षों में जमकर गाली-गलौज हुआ और आरोप है कि पुलिस ने पूर्व मंत्री के पुत्र की जमकर पिटाई करने के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मतगणना परिसर के बाहर मौजूद बसपा समर्थकों का हुजूम उग्र हो गया और पथराव शुरू कर दिया, जिसमें दो सिपाही घायल हो गए हैं।
पथराव के बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और एडीएम समेत कई अधिकारी जिले के कई थानों से पुलिस फोर्स बुलाकर उपद्रव करने वाले लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उपद्रव करने वाले लोग मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम पर पथराव और परिसर से बाहर फायरिंग कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और कार्रवाई की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों को रात में ही पुलिस ने थाने में लाकर हवालात में बंद कर दिया। बाद में लालजी वर्मा भी थाने पहुंचे। सुबह होते-होते थाने पर बसपा समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देख पुलिस प्रसाशन ने आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पेश कर दिया।
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