गाजियाबाद, 6 नवंबर (आईएएनएस)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने अदालतों में लंबित मामलों पर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि अकेले गाजियाबाद अदालत के पास 1976 से लेकर अबतक कुल 1.44 लाख मामले लंबित हैं।
यहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत परिसर के उद्घाटन अवसर पर चंद्रचूड़ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की भी यही हालत है।
न्याय में विलंब व रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्राथमिकता के स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए एक अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा, “हमारे प्रयासों से कुल 1,900 अदालत अस्तित्व में आएंगे।”
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से सभी 75 जिलों में अदालतों की स्थापना या विस्तार के लिए भूमि को चिह्न्ति करने के लिए कहा है।
न्यायाधीश ने कहा, “जिला अदालतें न्याय प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसलिए उनकी बुनियादी सुविधाएं न्याय प्रदान करने की दिशा में अहम हैं।”
dharmpath.com dharmpath