भोपाल, 9 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में जनता दल (युनाइटेड) ने भले ही कांग्रेस के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा, और ऐतिहासिक जीत हासिल की, मगर मध्य प्रदेश के झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव में इस पार्टी ने अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है। यहां कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जद (यू) के आ जाने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। मतदान 21 नवंबर को होगा।
राजधानी भोपाल में सोमवार को गैर कांग्रेस-गैर भाजपा दलों की संयुक्त पत्रकारवार्ता में झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र से जद (यू) ने विजय हारी को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाने का ऐलान किया। समझौते के तहत जद (यू) को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), राष्ट्रीय समानता दल और बहुजन संघर्ष दल का समर्थन मिलेगा।
प्रदेश जद (यू) अध्यक्ष गोविंद यादव ने अन्य दलों के नेताओं की मौजूदगी में कहा कि देश और प्रदेश में अघोषित आपातकाल लागू है, दोनों सरकारों के विकास के पूंजीवादी मॉडल के कारण आदिवासियों और किसानों की जमीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को सौंपी जा रही है और जल, जंगल, जमीन, स्वास्थ्य, शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में जारी गड़बड़ियां किसी से छुपी नहीं हैं। व्यापम घोटाला तो राज्य ही नहीं, देश और दुनिया के सामने है। एक तरफ जहां सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को संरक्षण दे रही है, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस विधानसभा के अंदर और बाहर अपनी भूमिका निभाने में असफल रही है।”
जद (यू) को समर्थन दे रहे अन्य दलों के नेताओं ने कहा कि प्रदेश की जनता के अधिकारों की रक्षा और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के लिए वे रतलाम में मिलकर संयुक्त अभियान चलाएंगे।
झाबुआ-रतलाम संसदीय सीट भाजपा सांसद दिलीप सिंह भूरिया के निधन से रिक्त हुई है। झाबुआ के पेटलावद में 12 सितंबर को जिलेटिन छड़ों के एक गोदाम में विस्फोट होने से 90 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
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