इंस्पेक्टर (बाजारखाला) चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि तालकटोरा निवासी आलोक वीरवानी की बिल्लौचपुर स्थित मदरसे के पीछे गत्ता बनाने की फैक्ट्री है।
समाचार एजेंसी आईपीएन ने दिवाली व गोवर्धन पूजा की छुट्टी के बाद शुक्रवार को खबर दी है कि मंगलवार की रात करीब 12 बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। लोगों ने जब आग की लपटों को देखा तो शोर मचाया। शोर सुन मोहल्ले के लोग जमा हो गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
लोगों की सूचना पर फैक्ट्री मालिक व बाजारखाला पुलिस भी पहुंच गई। वहीं चौक फायर स्टेशन से चार दमकल की गाड़ियां भी पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का काम शुरू किया, पर फैक्ट्री के अंदर रखे गत्तों में आग भड़क रही थी।
आग को बुझाने के लिए अधिकारियों ने हजरतगंज से 2, आलमाबाग से 1, बीकेटी एक 1 और सरोजनीनगर से 1, कुल 10 दमकल की गाड़ियों को इस आपरेशन में लगाया गया।
बुधवार सुबह करीब 7 बजे दमकलकर्मियों ने किसी तरह फैक्ट्री में लगी आग बुझा ली, पर अंदर मलबा सुलग रहा था। मलबे को बुझाने का काम चौक फायर स्टेशन के दमकल कर्मियों ने बुधवार की शाम 5 बजे तक किया। बुधवार की शाम करीब 5 बजे तक आग को पूरी तरह बुझा लिया गया।
आग की वजह से फैक्ट्री में रखा लाखों का माल जलकर खाक हो गया। गत्ते की फैक्ट्री में आग कैसे लगी फिलहाल इस बात का अभी पता नहीं चल सका है। फैक्ट्री मालिक का कहना है कि आतिशबाजी के लिए प्रयोग होने वाला राकेट फैक्ट्री में आकर गिरा और उसी से आग लग गई।
एफएसओ (चौक) जितेंद्र कुमार का कहना है कि जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आग का पता चल सकेगा।
dharmpath.com dharmpath