यह जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे मंडल चिकित्सालय, बादशाहनगर के ओपीडी में अपर मंडल रेल प्रबंधक एस.के. सपरा की अध्यक्षता में विश्व मधुमेह दिवस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव कपूर ने दी।
डॉ. राजीव कपूर ने मधुमेह के मरीजों की बढ़ती हुई संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मधुमेह लक्षण के न होने पर भी आपको मधुमेह हो सकता है। मधुमेह के लिए अपने रक्त की जांच चिकित्सालय में समय-समय पर अवश्य कराते रहंे, जिससे बीमारी का जल्द से जल्द पता चल जाए और इलाज भी जल्द से जल्द शुरू हो जाए।
उन्होंने कहा कि खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। तनाव को कम करने के लिए योग एवं मेडिटेशन लाभप्रद है। कभी-कभी रक्त में ग्लूकोज की कमी हो जाने के कारण एक गंभीर समस्या पैदा होती है, जिसे हाइपोग्लाइसेमिया कहते हैं। यदि इसका अतिशीघ्र उपचार नहीं किया गया तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
डॉ. राजीव कपूर ने कहा कि मरीज होश में हो तो उसे शर्करायुक्त चीजें, जैसे शरबत, ग्लूकोज का घोल वगैरह दिया जाना चाहिए। इससे मरीज तुरंत बेहतर महसूस करने लगता है।
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