कोलकाता, 15 नवंबर (आईएएनएस)। अपने सधे हुए अभिनय के लिए मशहूर अभिनेत्री विद्या बालन एवं विख्यात अदाकारा शर्मिला टैगोर ने शनिवार को माना कि यह नारी शक्ति का दौर है।
विद्या ने यहां 21वें कोलकाता अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उत्सव (केआईएफएफड) के उद्घाटन मौके पर कहा, “यह अच्छी बात है कि फिल्मोत्सव महिला निर्देशकों को तव्वजो दे रहा है। मेरे ख्याल से यह नारी शक्ति एवं देवी शक्ति का दौर है।”
यह दूसरी बार है जब केआईएफएफ का आयोजन एक प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम के रूप हो रहा है, जिसमें महिला निर्देशकों की फिल्मों को तव्वजो दी जा रही है।
इस प्रतिस्पर्धी फिल्मोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म को (51 लाख रुपये) व सर्वश्रेष्ठ निर्देशक को (21 लाख रुपये) रॉयल बंगाल ट्रॉफी से नवाजा जाएगा।
विद्या आईएफएफ से उनके पहले जुड़ाव की यादों को याद कर बहुत गद्गद् हैं। उनके पास अपनी खुशी को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “मैं 12 साल पहले मेरी पहली बांग्ला फिल्म ‘भालो थेको’ की रिलीज के बाद केआईएफएफ में एक स्वागत करने वाली लड़की के रूप में मौजूद थी। मैं आज अभिभूत हो गई हूं।”
वहीं, महान अदाकारा शर्मिला टैगोर ने भी फिल्मोत्सव में नारी शक्ति को तव्वजो दिए जाने की सराहना की।
उन्होंने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि केआईएफएफ महिला फिल्म निर्देशकों को तव्वजो दे रहा है।”
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