वाशिंगटन, 20 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा की वीटो की चेतावनी को दरकिनार करते हुए कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने सीरियाई और इराकी शरणार्थियों के तब तक देश में प्रवेश पर रोक लगाने से संबंधित विधेयक पारित कर दिया, जब तक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सत्यापित नहीं कर देतीं कि उनसे देश को सुरक्षा का कोई खतरा नहीं है।
वाशिंगटन, 20 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा की वीटो की चेतावनी को दरकिनार करते हुए कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने सीरियाई और इराकी शरणार्थियों के तब तक देश में प्रवेश पर रोक लगाने से संबंधित विधेयक पारित कर दिया, जब तक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सत्यापित नहीं कर देतीं कि उनसे देश को सुरक्षा का कोई खतरा नहीं है।
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में गुरुवार को इस विधेयक पर हुए मतदान में 289 मत इसके पक्ष में, जबकि 137 मत इसके विरोध में पड़े। विधेयक का समर्थन करने वालों में 47 डेमोक्रेट सदस्य भी शामिल हैं, जबकि 242 रिपबल्किन सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया।
विधेयक के समर्थन में पड़े कुल मत राष्ट्रपति के वीटो को निष्प्रभावी करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुत से मात्र नौ मत कम हैं।
ओबामा ने बुधवार को विधेयक पर निषेधाधिकार की चेतावनी दी थी और कहा था कि शरणार्थियों की जांच प्रक्रिया के बारे में अमेरिका की मौजूदा व्यवस्था को लेकर रिपब्लिकन सदस्यों की चिंता सच्चाई से परे है।
हालांकि अमेरिकी कांग्रेस के उच्च सदन सीनेट में अभी इस विधेयक को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। डेमोक्रेट नेता हैरी रीड ने जहां इस विधेयक को रोकने की बात कही है, वहीं प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट सदस्यों द्वारा भी विधेयक के पक्ष में मतदान ने व्हाइट हाउस की चिंता बढ़ा दी है।
वहीं, प्रतिनिधि सभा के रिपबल्किन स्पीकर पॉल रायन का कहना है कि देश की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कांग्रेस को यह बताए जाने के बावजूद कि शरणार्थियों से संबंधित कार्यक्रमों में बहुत सी खामियां हैं, राष्ट्रपति की वीटो की चेतावनी ने उन्हें परेशान कर रखा है।
इस बीच, राष्ट्रपति चुनाव के रिपबल्किन उम्मीदवार बेन कार्सन ने देश में सीरियाई शरणार्थियों पर रोक लगाने से संबंधित विधेयक पारित करने के लिए प्रतिनिधि सभा की सराहना की। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया।
अल्बामा में उन्होंने एक चुनाव अभियान के दौरान इसे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम करार दिया और कहा कि यह ठीक उसी तरह है, जैसे माता-पिता अपने बच्चों का बचाव पागल कुत्ते से करते हैं।
उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने तो आतंकवाद से देश की रक्षा के लिए यहां रह रहे सभी मुसलमानों का राष्ट्रीय डेटाबेस तक तैयार करने की बात कह डाली।
उन्होंने उम्मीदवारी की दौड़ में आगे चल रहीं डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की भी यह कहते हुए आलोचना की कि वह अमेरिका के समक्ष मौजूद आतंकवाद के खतरे को ‘उग्र इस्लाम’ के रूप में चिह्न्ति नहीं कर रही हैं।
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