नई दिल्ली, 20 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सहयोग से राष्ट्रपति भवन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विश्व भारत संबंधी सम्मेलन का शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उद्घाटन करेंगे।
उद्घाटन समारोह में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर लोकेश चंद्रा उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुखर्जी जर्मनी के प्रोफेसर हेनरिच फ्रीहर वोन स्टीटेक्रॉन को विशिष्ट भारतविद् पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ऐसे सम्मेलन को आयोजित करने का यह विचार राष्ट्रपति भवन को प्रणब मुखर्जी के सात से 11 मई, 2015 तक रूस के दौरे के दौरान आया था।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मॉस्को में अग्रणी भारतविदों के साथ बैठक में घोषणा की थी कि उन्हें राष्ट्रपति भवन में भारत मामलों से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने से प्रसन्नता होगी और उन्होंने परिषद को इस मामले में जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया था।
बयान के अनुसार, इस दौरान दुनियाभर के करीब 21 प्रतिष्ठित भारतविद् राष्ट्रपति भवन में ठहरेंगे। इनमें दूसरे देशों से दौरा करने वाले नेताओं की आमतौर पर मेजबानी करने वाले वे लोग भी होंगे, जिन्हें प्रतिष्ठित अतिथि श्रेणी में रखा जाता है।
बयान के अनुसार, सम्मेलन में भारतीय संस्कृति और दर्शन से जुड़े विभिन्न विषयों पर पकड़ रखने वाले आठ वरिष्ठ भारतीय विद्वान भी हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन में जिन विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा, उनमें प्रमुख हैं- ‘ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में भारत संबंधी अध्ययन’, ‘संस्कृत साहित्य – अतीत और वर्तमान’, ‘संस्कृत नाटक-सिद्धांत और व्यवहार’, ‘भारतीय दर्शनशास्त्र संबंधी विचार’ और ‘भारतीय कला और वास्तुशिल्प’।
सम्मेलन का समापन परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कर्ण सिंह के उपनिषदों पर केंद्रित विशेष भाषण से होगा।
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