नई दिल्ली, 25 नवंबर (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सीताराम येचुरी ने बुधवार को कहा कि असहिष्णुता व सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के खिलाफ संसद में जिस प्रस्ताव को वह पारित करवाना चाहते हैं, उसे राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि देश में बढ़ रही असहिष्णुता व सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के मुद्दे पर मैंने एक पंक्ति का एक प्रस्ताव दिया था, जिसे राज्यसभा के सभापति ने स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने देश में बढ़ती असहिष्णुता व सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की निंदा के लिए संसद में एक प्रस्ताव पारित करने की मांग बुधवार को की।
संसद परिसर में एक सर्वदलीय बैठक के बाद येचुरी ने कहा, “देश में बढ़ रही असहिष्णुता की निंदा के लिए सदन को एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह भड़काऊ भाषणों और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को रोकने के लिए कानून सम्मत कार्रवाई करे।”
येचुरी ने कहा, “सरकार ने कहा है कि वह ऐसे प्रस्ताव के लिए तैयार है, जिसे हर कोई स्वीकार करेगा। यदि वे इसे स्वीकार करते हैं, तो हमें कोई परेशानी नहीं है। यह सरकार के रुख पर निर्भर करता है..।”
वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम पर माकपा नेता ने कहा कि संसद में सरकार द्वारा इसे पारित करने के पहले सभी राज्यों की सरकारों को विश्वास में लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अगर आप ऐसा किए बिना इसे पारित करते हैं, तो यह फिजूल होगा।”
वहीं वाम नेता ने कहा, “हम शीतकालीन सत्र के दौरान मूल्य वृद्धि, दाल की बढ़ती कीमतें, स्वच्छ भारत से संबंधित मुद्दे, तेल की कीमतें, औद्योगिक उत्पादन में कमी, कृषि से संबंधित मुद्दे तथा किसानों की खुदकुशी के मुद्दों को उठाएंगे। देश में सामाजिक न्याय के लिए हमने एक नए कानून का भी प्रस्ताव किया है।”
जनता दल (युनाइटेड) नेता शरद यादव ने कहा कि वह नेपाल-भारत संबंध के मुद्दे को संसद में उठाना चाहते हैं।
यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद में कार्यवाही हो, लेकिन यह सत्ता पक्ष पर निर्भर करेगा।
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