भोपाल, 25 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था से आमजन लाभान्वित हो रहे हैं, अब तक एक करोड़ तीन लाख से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
आधिकारिक तौर पर बुधवार को जारी की गई विज्ञप्ति में बताया गया है कि सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने नई व्यवस्था में जाति प्रमाण-पत्र बनाए जाने की समीक्षा की। इस दौरान बताया गया कि अभी तक प्रदेश में अनुसूचित जाति के 20 लाख 54 हजार से ज्यादा, अनुसूचित जनजाति के 31 लाख 24 हजार, अन्य पिछड़ा वर्ग के 51 लाख 48 हजार, विमुक्त जाति के 20 हजार और घुमक्कड़ एवं अर्ध घुमक्कड़ जाति के 872 जाति प्रमाण-पत्र बनाए गए हैं।
ऑनलाइन जाति प्रमाण-पत्र हर जिले में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्देशित पेपर क्वालिटी और प्रिंटिंग के साथ मुद्रित किए जा रहे हैं। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।
डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र जारी करने को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल करते हुए पहली कक्षा में प्रवेश लेते ही जाति प्रमाण-पत्र स्कूलों के माध्यम से बनाकर दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसमें शपथ-पत्र के स्थान पर स्व-प्रमाणित घोषणा-पत्र को मान्य करने का प्रावधान भी किया गया है। यह प्रमाण-पत्र ऑनलाइन डिजिटल हस्ताक्षर से जारी किया जा रहा है।
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार इसके साथ ही पूरे देश में कहीं से भी इसका सत्यापन ऑनलाइन किया जा सकेगा। पिछले वर्ष एक जुलाई, 2014 से स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र बनाने के लिए अभियान शुरू किया गया था।
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