आमिर ‘स्वघोषित मुल्ला’ : शिवसेना

मुंबई, 25 नवंबर (आईएएनएस)। भारत में बढ़ती असहिष्णुता को लेकर आमिर खान की टिप्पणी के लिए शिवसेना ने बुधवार को उन्हें ‘स्वघोषित मुल्ला’ कहा।

सेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है, “पिछले कुछ समय से कुछ लोगों ने यह निर्णय लेने की जिम्मेदारी उठा ली है कि भारत एक सहिष्णु देश है या असहिष्णु। एक स्वघोषित मुल्ला बनकर आमिर खान भी इसमें शामिल हो गए हैं। यह उनके लिए तकलीफदेह है, जो उनसे प्यार करते हैं।”

संपादकीय के मुताबिक, “देश ने आमिर पर इतना प्यार और सम्मान लुटाया, जिसने अपनी ब्लॉक बस्टर फिल्म ‘पीके’ के जरिए हिंदू धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाया।”

संपादकीय के मुताबिक, “अपना खजाना भरने के बाद वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर बकवास कर रहे हैं। असल में ऐसे लोग पहले से ही स्वतंत्रता का काफी मजा उठा रहे हैं।”

प्रख्यात अभिनेता दिलीप कुमार के बारे में संपादकीय में कहा गया है कि कुछ वर्ष पूर्व दिलीप कुमार को पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ दिया गया था, जिसके लिए उनका काफी विरोध भी किया गया था।

संपादकीय में कहा गया, “दिलीप कुमार पाकिस्तान में जन्मे थे और अपनी जन्मभूमि के लिए उनका प्यार जायज है, लेकिन विवाद के बाद उन्होंने कभी नहीं कहा कि वह डरे हुए हैं और देश छोड़कर जाना चाहते हैं। फिर आमिर खान और शाहरुख खान ऐसी बातें क्यों करते हैं? क्या वे नहीं जानते कि मुसलमान मुस्लिम देशों की तुलना में भारत में ज्यादा सुरक्षित हैं।”

संपादकीय के मुताबिक, जापान में मुसलमानों को पसंद नहीं किया जाता, जबकि चीन में उन्हें दाढ़ी रखने या मस्जिद बनाने की इजाजत नहीं दी जाती।

संपादकीय में कहा गया है, “हालांकि भारत में मुसलमानों को अपने धर्म का पालन करने की पूरी आजादी है और सरकार उनकी सभी मांगे पूरी करती है, फिर भी आमिर की पत्नी को यह देश असहिष्णु लगता है।”

संपादकीय के मुताबिक, “आज पूरी दुनिया इस्लामिक स्टेट (आईएस) से आतंकित है और सीरिया और अन्य देशों से मुसलमान भाग रहे हैं। इन मुद्दों पर बात करने की जगह खान और कुछ धर्म निरपेक्षतावादी असहिष्णुता के लिए हिंदुओं पर उंगलियां उठा रहे हैं।”

संपादकीय ने आमिर को देश से मिला सम्मान लौटाने और यहां कमाए हर एक रुपये का हिसाब देने के बाद खुशी से भारत छोड़ने की बात करने को कहा।

संपादकीय के मुताबिक, “हम सोच रहे हैं कि यह ‘इडियट रणछोड़दास’ आखिर में कहां जाएगा। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, पेरिस, ब्रसेल्स या माली। यह स्पष्ट करे।”

संपादकीय के मुताबिक, “अगर उन्हें यह देश सुरक्षित नहीं लगता तो उन्हें ‘सत्यमेव जयते’ या देश भक्ति के खोखले नारे लगाने छोड़ देने चाहिए।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493