नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। अपने हंसाऊ फिल्मी किरदारों से सिने प्रेमियों को गुदगुदाने वाले मशहूर हास्य अभिनेता जॉनी लीवर का कहना है कि फिल्मजगत में चलन आते-जाते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षो पर नजर डालें तो पाएंगे कि ‘निर्थक’ मनोरंजनपूर्ण फिल्मों पर साफ-सुथरी व अच्छी हास्य फिल्मों का दबदबा कायम है।
नई दिल्ली, 27 नवंबर (आईएएनएस)। अपने हंसाऊ फिल्मी किरदारों से सिने प्रेमियों को गुदगुदाने वाले मशहूर हास्य अभिनेता जॉनी लीवर का कहना है कि फिल्मजगत में चलन आते-जाते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षो पर नजर डालें तो पाएंगे कि ‘निर्थक’ मनोरंजनपूर्ण फिल्मों पर साफ-सुथरी व अच्छी हास्य फिल्मों का दबदबा कायम है।
जॉनी लीवर को ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘दीवाना मस्ताना’ और ‘दूल्हे राजा’ सरीखी फिल्मों में उनकी यादगार भूमिकाओं के लिए आज भी याद किया जाता है।
उन्होंने एक साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, “मैं पिछले 35 वर्षो से फिल्मजगत में हूं। अगर हम आज की फिल्म की तुलना बीते जमाने की फिल्म से करें, तो एक अंतर दिखता है, लेकिन यह एक बहुत बड़ा अंतर नहीं है। चलन बदलते रहते हैं, लेकिन अच्छी हास्य फिल्मों को हमेशा ही फूहड़ और निर्थक फिल्मों से ज्यादा सराहना मिलती है।”
जॉनी ने कहा, “आपको एक अच्छी फिल्म बनाने के लिए एक अच्छे लेखक की जरूरत होती है।”
जॉनी अगले साल अपनी बेटी जैमी के साथ अमेरिका में प्रस्तुति देंगे। उन्हें यह भी लगता है कि जब बात फूहड़ या अश्लील हास्य फिल्म की हो, तो उनकी पटकथा लिखना और उनमें काम करना आसान होता है।
जॉनी ने कहा, “इनमें कम समय लगता है। यही वजह है कि इन दिनों ऐसी फिल्म आए दिन नजर आ जाती हैं। पुराने जमाने में महमूद अली और किशोर कुमार व अन्य लोग बहुत ज्यादा जांच-परख व गौर करते थे और पटकथा लेखन में समय देते थे। जल्दबाजी में बनाई गई हास्य फिल्म कचरा और निर्थक होती है। दूसरों की बेइज्जती करने वाली हास्य फिल्म की पटकथा लिखना आसान है।”
जॉनी आगे शाहरुख खान और काजोल की मुख्य भूमिका वाली ‘दिलवाले’ फिल्म में नजर आएंगे, जिसके निर्देशक रोहित शेट्टी हैं।
जॉनी ने कहा कि वह अब ‘कम’ फिल्में करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं ऐसी पटकथाएं चुनता हूं, जो कोई सार्थक संदेश देती हों।”
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