पणजी, 27 नवंबर (आईएएनएस)। फिल्म ‘उजन्तली’ के निर्देशक सोमनाथ चक्रवर्ती ने शुक्रवार को कहा कि कोई भी सीमा मनुष्य को उसकी मातृभूमि से अलग नहीं कर सकती है।
46वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) से अलग मीडिया केंद्र में आयोजित ‘निर्देशक से मिलें’ कार्यक्रम में सोमनाथ ने कहा कि भारतीय पैनोरमा में उनकी फिल्म का चयन करने पर वह इफ्फी के आभारी हैं।
‘उजन्तली’ एक ऐसी युवा लड़की की कहानी है, जिसे अपने पिता के साथ बांग्लादेश के दूर-दराज में बसे अपने गांव को मजबूरी में छोड़ना पड़ता है। हालांकि वहां पर बिताए समय की याद हमेशा उसके दिल में रहती है। अब वह बूढ़ी हो गई है और उसे लगता है कि वह अब कभी भी बांग्लादेश नहीं लौट पाएगी। लेकिन एक बार अपनी बेटी के घर से लौटते समय वह जादुई हवा की मदद से अपनी प्यारी मातृभूमि बांग्लादेश में क्या बचा है, उसे देखने का फैसला करती है।
सोमनाथ चक्रवर्ती युवा बंग्ला फिल्म निर्देशक हैं, जिनकी फिल्मों को हाल के दिनों में देश-विदेश में सराहना मिली है।
सोमनाथ का जन्म और परवरिश हावड़ा, पश्चिम बंगाल में हुई है। उन्होंने मल्टीमीडिया से अपने निर्देशन का सफर शुरू किया। उन्होंने 2008 में ‘जल्हावर दिनबादल’ नामक पहली लघु फिल्म बनाई, जिसे कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सवों में दिखाया गया। उनके दूसरे वृत्तचित्र ‘डिवाइन एक्सप्रेशन’ को काफी प्रशंसा मिली।
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