पणजी, 28 नवंबर (आईएएनएस)। गोवा में आयोजित 46वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव (इफ्फी) के दौरान रूसी फिल्म निर्माता निकिता मिखालकोव ने बताया कि वह 9/11 हमलों के सजीव प्रसारण को फिल्म समझ रहे थे।
मिखालकोव को इस फेस्टिवल में लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया है।
ऑस्कर पुरस्कार विजेता ने बताया कि विनाश-एक्शन से प्रेरित सिनेमा मानव को उत्तेजित और पतित करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने बताया, “9/11 हमलों का सजीव प्रसारण जब मैंने टेलीविजन पर देखा तो मुझे लगा कि यह कोई ब्लॉकबस्टर फिल्म है। मुझे तब तक यही लगा कि यह अवश्य ही एक फिल्म है जब तक कि विश्व की ताजा खबर नहीं सुन लिया। सिनेमा बहुत शक्तिशाली माध्यम है और वह ऐसी चीजों के प्रति उत्तेजित कर सकता है।”
उन्होंने कहा, “फिल्मों में हजारों लोग मारे जाते हैं, खून बहता है और कोई इसके प्रति जवाबदेह नहीं होता। यह आदत लोगों के अंदर दूसरों की जिंदगी की कद्र न करने की प्रवृत्ति को विकसित कर रही है। हालांकि आक्रामकता और हिंसा की केवल यही एकमात्र वजह नहीं है।”
फिल्म निर्माता मिखालकोव ने बताया कि वह भारतीय फिल्मों के बड़े प्रशंसक रहे हैं। उनका बचपन भारतीय फिल्मों को देखते हुए बीता है। इसके साथ उन्होंने मजाक करते हुए कहा कि राज कपूर वहां काफी लोकप्रिय हैं, अगर वह चाहते तो वहां के राष्ट्रपति बन सकते थे। मैंने बचपन में राज कपूर को लेकर लोगों में जबरदस्त दीवानगी देखी थी। उस वक्त रूस में भारतीय फिल्मों के टिकटों को खरीदने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगती थीं।
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