नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर उपजे विवाद की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग करने वाली जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
प्रधान न्यायाधीश एच.एल.दत्तू और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि जनहित याचिका व्यक्ति केंद्रित नहीं हो सकती।
राहुल गांधी की नागरिकता की सीबीआई जांच कराने वाली यह याचिका अधिवक्ता एम.एल. शर्मा ने दायर की थी।
अदालत ने हाल ही के अपने एक फैसले के हवाले से कहा कि सुशासन के मामलों में अदालतें जनहित याचिकाओं के प्रति अधिक उदार हो सकती हैं। लेकिन, जिन याचिकाओं का संबंध किसी एक संगठन या व्यक्ति से है, उन्हें या तो खारिज कर दिया जाता है या अपवाद स्वरूप ही उन पर सुनवाई होती।
न्यायालय ने याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष रखे गए दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठाए। यह भी कहा कि जनहित याचिकाएं संकीर्ण मुद्दों के लिए नहीं होतीं।
अदालत ने शर्मा के इस तर्क को नहीं माना कि उन्हें ये दस्तावेज ब्रिटेन के रजिस्ट्रार जनरल आफ युनाइटेड किंग्डम की वेबसाइट से मिले हैं।
यह याचिका राहुल गांधी द्वारा कथित रूप से एक ब्रिटिश कंपनी के दस्तावेज में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताने पर केंद्रित थी। यह कंपनी अब बंद हो चुकी है। यह मामला सबसे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था। कांग्रेस ने पूरा जोर देकर इस बात को गलत बताया है।
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