भोपाल, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों से बीएससी (नर्सिग) के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को बांड भरना होगा कि वे सात वर्ष तक सरकारी अस्पताल में सेवा देने के बाद ही किसी निजी अस्पताल या नर्सिग होम की ओर रुख कर सकेंगे।
भोपाल, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों से बीएससी (नर्सिग) के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को बांड भरना होगा कि वे सात वर्ष तक सरकारी अस्पताल में सेवा देने के बाद ही किसी निजी अस्पताल या नर्सिग होम की ओर रुख कर सकेंगे।
यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
मंत्रिपरिषद की बैठक में बीएससी (नर्सिग) छात्रों से शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश लेने पर सात वर्ष की शासकीय सेवा देने का बांड लेकर और परीक्षा परिणाम आने पर मेरिट के अनुसार आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए नियुक्ति देने की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने रतलाम, विदिशा और शहडोल के मेडिकल कॉलेज के लिए 749 करोड़ 15 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति देने का निर्णय मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
रतलाम जिले में 150 सीटों वाले नए मेडिकल कॉलेज और 750 बेड वाले अस्पताल के उन्नयन तथा निर्माण कार्य के लिए 259 करोड़ 65 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी तरह विदिशा जिले में 150 सीटों वाले नए मेडिकल कॉलेज और 750 शैय्या के अस्पताल के उन्नयन तथा निर्माण कार्य के लिए पुनरीक्षित राशि 265 करोड़ 19 लाख रुपये स्वीकृति किए गए।
शहडोल जिले में नए 100 सीट के मेडिकल कॉलेज और 500 शैय्या के अस्पताल के उन्नयन तथा निर्माण कार्य के लिए पुनरीक्षित राशि 224 करोड़ 31 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में मंत्रिपरिषद ने पांच नए महाविद्यालय और पहले से संचालित तीन महाविद्यालयों में नवीन संकाय, विषय व स्नातकोत्तर कक्षाएं शुरू करने की स्वीकृति दी। इसके लिए कुल 146 पद सृजित करने की मंजूरी भी दी गई।
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