नई दिल्ली, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। डेव-डी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री कल्कि कोचलिन का कहना है कि भारत में विकलांगता की ओर ध्यान देने की जरूरत है। शारीरिक रूप से अक्षम (विकलांग) लोग भी प्यार और सम्मान के हकदार हैं।
नई दिल्ली, 2 दिसम्बर (आईएएनएस)। डेव-डी से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री कल्कि कोचलिन का कहना है कि भारत में विकलांगता की ओर ध्यान देने की जरूरत है। शारीरिक रूप से अक्षम (विकलांग) लोग भी प्यार और सम्मान के हकदार हैं।
भारत में पहली बार विकलांगजन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईईएफपीडी) का आयोजन किया गया है। यह महोत्सव दिल्ली के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में एक से तीन दिसंबर तक चलेगा।
महोत्सव के पहले दिन शोनाली बोस द्वारा निर्देशित फिल्म ‘मार्गरिटा विद अ स्ट्रॉ’ को भी दिखाया गया। इस फिल्म में कल्कि ने एक सेलिब्रल पॉल्सि ( मस्तिष्क पक्षाघात) बीमारी से ग्रसित विकलांग लड़की की भूमिका निभाई थी।
कल्कि के अनुसार “इस कार्यक्रम की जानकारी मिलने पर काफी रोमांचित महसूस हुआ और यह जानकर बेहद खुश हुई कि सरकार ने विकलांगों के लिए इस तरह का आयोजन किया। मैं इस महोत्सव में हिस्सा नहीं ले पा रही हूं इसका मुझे दुख है।”
‘मार्गरिटा विद अ स्ट्रॉ’ फिल्म 8 सितंबर 2014 को प्रदर्शित हुई थी। इसके साथ ही यह टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भी हिस्सा रही थी।
यह फिल्म एस्टोनिया के टैलिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल, लंदन के बीएफआई फेस्टिवल, बुसान और सांता बारबरा जैसे कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिख्राई गई।
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