नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश के पूंजी बाजार में निवेश की पार्टिसिपेटरी नोट्स (पी-नोट्स) प्रणाली पर वर्तमान नियामकीय ढांचा सख्त और मजबूत है।
वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने यहां कहा, “अभी की स्थिति के मुताबिक हम पी-नोट्स धारकों की पहचान जिस रिपोर्टिग अनिवार्यता और वैधता से करते हैं, वह काफी मजबूत और सख्त है।”
उन्होंने यहां कर सूचनाओं के आदान-प्रदान पर आयोजित एक वैश्विक सम्मेलन में कहा, “मोटे तौर पर व्यवस्था काफी मजबूत है।”
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पी-नोट्स संबंधी ‘अपने ग्राहक को जानिए’ (केवाईसी) नियम मजबूत किए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा काले धन पर नियुक्त एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जुलाई में सेबी से पी-नोट्स संबंधी नियमों की समीक्षा करने और उसके आखिरी उपयोगकर्ता की पहचान करने के लिए कहा था।
पी-नोट्स का उपयोग अधिकतर विदेशी व्यक्तिगत निवेशक, हेज फंड तथा विदेशी संस्थाएं करती हैं। यह निवेशकों को पंजीकृत विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के जरिए भारतीय बाजारों में निवेश करने की सुविधा देता है।
कुछ साल पहले तक यह देश में कुल एफआईआई निवेश में पी-नोट्स के जरिए होने वाले निवेश की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी होती थी। सेबी द्वारा पहचान की घोषणा करने संबंधी नियमों को सख्त किए जाने के बाद हालांकि इसमें कमी आई है।
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