नई दिल्ली, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को कहा कि भारत का हित नेपाल में केवल शांति और स्थायित्व में है। उन्होंने कहा कि नेपाल में मौजूदा विवादों का निपटारा वहीं की राजनैतिक पार्टियों और लोगों को करना है।
राज्यसभा में जनता दल युनाइटेड के सांसद पवन कुमार वर्मा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सुषमा ने अपने बयान में कहा, “नेपाल के मौजूदा विवाद की वजहों को प्रभावी और विश्वसनीय रूप से वहीं की राजनैतिक पार्टियों और लोगों को हल करना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत का हित नेपाल में शांति, एकता और स्थायित्व में है। हमारा रुख इन्हीं उद्देश्यों से पूरी तरह मेल खाता है।”
उन्होंने साफ किया कि भारत की तरफ से नेपाल की कोई नाकेबंदी नहीं की गई है।
सुषमा ने कहा, “बाधाएं नेपाल में नेपाल के लोगों द्वारा लगाई जा रही हैं। इसमें भारत सरकार दखल नहीं दे सकती है। भारत से नेपाल को सामानों की आपूर्ति में किसी तरह की नाकेबंदी नहीं की गई है।”
उन्होंने नया संविधान लागू होने के बाद भारतीय सीमा से लगे नेपाली इलाकों में हिंसा में हुई मौतों का जिक्र किया और कहा कि माल ले जाने वाली भारतीय कंपनियों और ट्रांस्पोर्टरों ने नेपाल में सुरक्षा संबंधी शिकायतें की हैं।
सुषमा ने सदन से आग्रह किया कि वह एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल नेपाल भेजने के मामले पर विचार करे। उन्होंने कहा, “सरकार सदन की भावनाओं से निर्देशित होगी।”
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