नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार द्वारा सम और विषम नंबर की कारों को एक-एक दिन के अंतराल पर सड़क पर उतारने का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठा। प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए इस कदम की व्यावहारिकता पर एक सांसद ने सवाल उठाया जबकि एक अन्य ने इसे विचित्र करार दिया।
नई दिल्ली, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार द्वारा सम और विषम नंबर की कारों को एक-एक दिन के अंतराल पर सड़क पर उतारने का मुद्दा सोमवार को राज्यसभा में उठा। प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए इस कदम की व्यावहारिकता पर एक सांसद ने सवाल उठाया जबकि एक अन्य ने इसे विचित्र करार दिया।
लेकिन, उच्च सदन में इस बात पर सभी सदस्य एकमत थे कि राष्ट्रीय राजधानी से वायु प्रदूषण को घटाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा, “आधी से अधिक कारें (दिल्ली में) सड़क पर नहीं होंगी। दिल्ली परिवहन व्यवस्था की क्षमता इतने लोगों को ढोने की नहीं है। इसमें यह नहीं सोचा गया है कि मरीज अस्पताल कैसे पहुंचेंगे? बच्चे स्कूल कैसे पहुंचेंगे? उनका क्या होगा जो दूसरे शहरों से आएंगे?”
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के फैसले पर तिवारी ने कहा, “उनका फोकस सार्वजनिक परिवहन पर नहीं रहा है और अब हालात और दुरुह होंगे। वे लोग आम आदमी की बात करते हैं लेकिन लगता है कि इनके लिए आम आदमी वही है जिसके पास दो कार है।”
लेकिन, उपसभापति पी. जे. कुरियन ने इस पर जोर दिया कि दिल्ली में प्रदूषण पर काबू पाने के लिए कुछ न कुछ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि जलवायु परिवर्तन की मुख्य वजहों में से एक कार्बन उत्सर्जन भी है।
दिल्ली से सांसद कर्ण सिंह ने कहा कि सही है कि कुछ बड़े कदम उठाने होंगे लेकिन दिल्ली सरकार का फैसला विचित्र है। उन्होंने कहा, “उनका क्या होगा जिनके पास एक कार है? वे कैसे दफ्तर जाएंगे, बच्चों को स्कूल छोड़ेंगे? यह विचित्र सुझाव है। इस पर पुनर्विचार होना चाहिए। अन्य सुझावों पर ध्यान देना चाहिए। हम सब सहयोग करेंगे।”
संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदूषण घटाने के पक्ष में है लेकिन समाधान व्यावहारिक होना चाहिए।
उपसभापति ने इस पर सहमति जताई कि यह सुझाव सिद्धांत रूप में स्वीकार्य है लेकिन इसकी व्यावहारिकता सवालों के घेरे में है।
लेकिन, कांग्रेस के जयराम रमेश ने इसका खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह समस्या से निपटने की दिशा में आगे बढ़ना है।
रमेश ने कहा, “भारत में हर समाधान के लिए हमेशा दस समस्याएं होती हैं। यह एक कदम आगे चलना है। इसे आजमाने का एक मौका दें, यह दिल्ली में प्रदूषण को बहुत कम कर देगा। मैं इस मामले में खुद को पूरी तरह से प्रमोद तिवारी से अलग करता हूं।”
dharmpath.com dharmpath