उन्होंने कहा, “19 नवंबर के बाद से पांच अलग-अलग घटनाओं में चावल से बनी शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 172 बीमार हो गए। प्रयोगशाला जांच में पता चला है कि शराब में उच्च मात्रा में मेथनॉल के होने से इन लोगों की मौत हुई।”
स्थानीय प्रशासन ने प्रांत में सभी स्थानों पर चावल से शराब का उत्पादन बंद कर दिया है। साथ ही चावल से बनी शराब बेचने वाले स्टॉलों को भी अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार सुबह बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रीय प्रयोगशाला के जांच नतीजों में पता चला है कि शराब में मेथनॉल की मात्रा अधिक थी।
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