नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि केरल में होने जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति वाले कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी को आमंत्रित न किए जाने में केंद्र सरकार का कोई हाथ नहीं है।
कांग्रेस सांसदों ने सोमवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि केरल के कोल्लम नगर में श्री नारायण धर्म परिपालन (एसएनडीपी) योगम द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम की अतिथि सूची में से चांडी का नाम काट दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी केरल में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री व एसएनडीपी के नेता दिवंगत आर. शंकर की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
राजनाथ ने अतिथि सूची से चांडी का नाम काटे जाने के पीछे केंद्र सरकार का हाथ होने के आरोप का जवाब देते हुए कहा, “आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है।”
उन्होंने कहा कि एसएनडीपी एक सामाजिक संगठन है और कार्यक्रम में किसे आमंत्रित करे या न करे, इसका फैसला यही लेता है।
राजनाथ ने कहा, “एसएनडीपी ने मुख्यमंत्री को भी कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया होगा, लेकिन बाद में इसके सदस्यों के बीच कोई विवाद खड़ा होने पर इसने उन्हें न आमंत्रित करने का निर्णय लिया होगा।”
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार किसी राज्य सरकार से कोई तकरार नहीं चाहती है। केंद्र सरकार तो संघवाद को और मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है।”
कांग्रेस सदस्य हालांकि यह चिल्लाते रहे कि ऐसा केरल के मुख्यमंत्री और लोगों को अपमानित करने के लिए जान बूझकर किया गया है और राजनाथ के बयान के बाद वे सदन से बहिगर्मन कर गए।
संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी ने भी कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया।
लोकसभा की कार्यवाही सुबह में प्रश्नकाल के दौरान इसी मसले को लेकर बाधित हुई और इसे दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
यह सब हंगामा पिछड़े एझवा समुदाय के एक संगठन एसएनडीपी के शुरुआत में कार्यक्रम में चांडी को आमंत्रित करने और बाद में आमंत्रित न करने का फैसला लिए जाने को लेकर हुआ।
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