पाकिस्तान संग वार्ता से शुरू होगा शांति का नया अध्याय : सुषमा (राउंडअप)

नई दिल्ली, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को उम्मीद जताई कि भारत-पाकिस्तान के बीच दोबारा शुरू हो रही वार्ता क्षेत्र में शांति व विकास का एक नया अध्याय शुरू करेगी।

सुषमा ने राज्यसभा और लोकसभा में अपने पाकिस्तान दौरे के संबंध में बयान में कहा कि एक ‘व्यापक द्विपक्षीय वार्ता’ शुरू करने का निर्णय लिया गया। दोनों देशों के विदेश सचिव इसकी रूपरेखा तैयार करेंगे।

उन्होंने कहा, “हम आशा करते हैं कि नई वार्ता पूरे क्षेत्र के लिए शांति और विकास की नई शुरुआत का भी प्रतीक होगी।”

सुषमा ने कहा कि भारत ने 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों को लेकर न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।

सुषमा ने कहा, “दोनों देशों ने आतंकवाद की निंदा की और इस खतरे को खत्म करने के लिए सहयोग करने का संकल्प लिया है। इसी में मुंबई आतंकवादी हमले की अदालती सुनवाई में तेजी लाने की बात पाकिस्तान से कही गई।”

विदेश मंत्री ने कहा, “सरकार देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और खतरों से निपटने के लिए कूटनीतिक रास्तों सहित सभी कदम उठाए जाएंगे।”

सुषमा ने कहा, “हमारी सरकार पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सरकार द्वारा सत्ता संभालने के दिन ही दक्षिण एशिया में शांति और विकास के लिए की गई पहल आगे बढ़ सके।”

उन्होंने कहा कि वार्ता के दो उद्देश्य हैं। पहला, चिंता के मुद्दों को वार्ता के जरिए हल करना और दूसरा सहयोगात्मक रिश्ता स्थापित करना।

सुषमा ने कहा कि पेरिस में 30 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच की मुलाकात में इस पर चर्चा हुई थी कि कैसे दोनों देश फिर से बातचीत के लिए अच्छा वातावरण तैयार कर सकते हैं।

सुषमा ने बताया कि दोनों नेताओं ने तय किया कि दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों को मिलना चाहिए।

दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने छह दिसंबर को बैंकॉक में मुलाकात की। उन्होंने सुरक्षा, आतंकवाद, सीमा पर शांति, कश्मीर समेत तमाम मुद्दों पर बात की।

सुषमा ने कहा कि इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज के साथ हुई उनकी मुलाकात दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की वार्ता की ‘सकारात्मक प्रगति’ की पृष्ठभूमि में हुई।

सुषमा ने यह बयान सुबह राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों के हंगामे की बीच दिया। कांग्रेस सदस्य सभापति की आंसदी के करीब इकट्ठे हो गए थे और नारेबाजी कर रहे थे।

राज्यसभा में सुषमा का बयान बमुश्किल ही कानों तक पहुंच सका। लोकसभा में उन्होंने भोजनावकाश के बाद बयान दिया और उस वक्त सदन में व्यवस्था बनी हुई थी।

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