आइजोल, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर का राज्य मिजोरम तंबाकू उत्पादों के उपभोग के मामले में देश में सबसे आगे है। राज्य की 67.2 फीसदी आबादी धूम्रपान या अन्य तंबाकू उत्पादों का उपभोग करती है।
आइजोल, 15 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर का राज्य मिजोरम तंबाकू उत्पादों के उपभोग के मामले में देश में सबसे आगे है। राज्य की 67.2 फीसदी आबादी धूम्रपान या अन्य तंबाकू उत्पादों का उपभोग करती है।
मिजोरम स्टेट टोबैको कंट्रोल सोसाइटी (एमएसटीसीएस) की नोडल अफसर जेन आर. राल्टे ने संवाददाताओं को मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मिजोरम की 11 लाख की आबादी में से रिकार्ड 67.2 फीसदी लोग अलग-अलग तरह के तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं।”
उन्होंने हाल के एक आधिकारिक सर्वेक्षण के हवाले से बताया, “मिजोरम में तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों में 73.6 फीसदी पुरुष हैं। राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत 32.1 है।”
राज्य में तंबाकू उत्पादों का सेवन करने वालों में 16.1 फीसदी महिलाएं हैं।
राल्टे ने बताया कि मिजोरम में तंबाकू का इस्तेमाल न करने वाले 62 फीसदी लोग दूसरों के द्वारा इसके इस्तेमाल के दौरान इसकी चपेट में (पैसिव स्मोकिंग) आ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि मिजोरम में देश में सबसे ज्यादा कैंसर के मरीज हैं। इस वक्त राज्य में रिकार्ड 5,888 लोग कैंसर से पीड़ित हैं। बीते पांच सालों में राज्य में कैंसर से 3,137 लोगों की मौत हो चुकी है।
2009 से मिजोरम सरकार तंबाकू रोधी कार्यक्रम पर अमल कर रही है।
एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि मुख्यमंत्री लल थनहावला ने एक बैठक में कहा, “सार्वजनिक और खुली जगहों पर तथा धूम्रपान न करने वालों के सामने धूम्रपान की मनाही है। राज्य में सरकारी दफ्तरों, शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर धूम्रपान की मनाही है।”
मुख्यमंत्री की पत्नी एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ टोबैको हेल्थ की मिजोरम इकाई की अध्यक्ष लाल रिलिआनी ने कहा कि मिजो लोगों में कैंसर के 50 फीसदी मामलों की वजह तंबाकू है।
मिजोरम में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों तक में तंबाकू सेवन की लंबी परंपरा रही है।
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