चीन के आर्थिक पुनर्गठन में खपत का महत्व बढ़ा

चीन की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है, जिसकी विकास दर इस साल की तीसरी तिमाही में 6.9 फीसदी रही है।

जेपी मोर्गन ने नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के हवाले से कहा है कि जरूरत से अधिक क्षमता और कर्ज के कारण विनिर्माण उद्योग की विकास दर तीसरी तिमाही में 5.8 फीसदी रही, जो 2014 की चौथी तिमाही में सात फीसदी थी। इस दौरान सेवा क्षेत्र की विकास दर 7.8 फीसदी से बढ़कर 8.6 फीसदी पहुंच गई है।

सेवा क्षेत्र में हालांकि उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं आई है, इसलिए दुनिया की इस दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की विकास दर कुछ और वर्षो तक कम रहेगी।

जेपी मोर्गन ने कहा है कि इस साल विकास दर में खपत का 3.7 प्रतिशतांक योगदान रहेगा, जबकि निवेश का 2.7 प्रतिशतांक और निर्यात का 0.5 प्रतिशतांक।

सेवा क्षेत्र में हुए विकास में वित्तीय सेवा का महत्वपूर्ण स्थान रहा। गत वर्ष शेयर बाजारों में आई तेजी ने निवेशकों को आकर्षित किया। इस साल गर्मियों में हालांकि गिरावट के कारण तेजी पर कुछ सीमा लगी। जेपी मोर्गन के अनुमान के मुताबिक अगले साल सेवा क्षेत्र की विकास दर 7.5-8 फीसदी रह सकती है।

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, शेयर बाजार की तेजी से सेवा क्षेत्र में सिर्फ एक बार बड़ी तेजी आई, लेकिन आर्थिक सुस्ती के बीच इसकी विकास दर कायम रखने में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, मनोरंजन और सार्वजनिक सेवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान किया। इनका कुल सेवा क्षेत्र में 40 फीसदी योगदान होता है।

चीन के बॉक्स ऑफिस की कमाई तीन दिसंबर तक 47.4 फीसदी बढ़कर 40 अरब युआन हो गई। अगले पांच साल में चीन का फिल्म बाजार अमेरिका के फिल्म बाजार को पीछे छोड़ देगा।

जे.पी. मोर्गन के चीन मामलों के मुख्य अर्थशास्त्री झू हैबीन ने कहा, “चीन में मनोरंजन, यात्रा जैसे स्वैच्छिक क्षेत्र में खपत अधिक बढ़ी है, न कि खाद्य और परिधान क्षेत्र में।”

नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, पिछली कुछ तिमाहियों में आय में आर्थिक विकास दर से अधिक तेजी रही है। इसी तरह घरों के खर्चो में भी वृद्धि हुई है। अधिकारियों ने 2010 के मुकाबले 2020 में घरेलू आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493