‘सबके लिए ऊर्जा’ लक्ष्य हासिल करने में उद्योग जगत भागीदार बनें

नई दिल्ली, 16 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय ऊर्जा, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने सरकार के लिए ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उद्योग जगत से भागीदार बनने का आह्वान किया है।

बुधवार को यहां ‘सबके लिए ऊर्जा’ शिखर बैठक 2015 के कार्यक्रम में गोयल ने कहा, ” ‘सबके लिए ऊर्जा’ जैसे कार्यक्रमों में जहां आप प्रासंगिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं, वहीं सच्चे अर्थो में सबके लिए शिक्षा जरूरी है और यह हमें सौ प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्यों को हासिल करने के हमारे प्रयासों को गति देने के लिए बेहतर तौर-तरीके उपलब्ध कराने में मददगार है।

हाल में ‘उज्‍जवल डिस्कॉम आश्वस्त योजना’ -उदय की शुरूआत के मौके पर उन्होंने कहा, “उदय पूरी तरह से बुनियादी बदलाव की स्कीम है जिससे काफी लंबे समय से बैंकरों, डिस्कॉम्स, ऊर्जा उत्पादकों, उपभोक्ता संगठनों, राज्य सरकारों और सभी दूसरे हितधारकों के संबंध जुड़े हैं।”

गोयल ने देश में सक्रिय ट्रांसमिशन कंपनियों से अपील की कि वे नीलामी और मूल्यांकन प्रक्रिया या इसके तकनीकी पहलुओं आदि में मौजूद किसी भी चूक को सामने लाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।

पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार संशोधित मूल्य नीति को शीघ्र प्रस्तुत करने की योजना बना रही है जिससे सिर्फ नीलामी प्रक्रिया द्वारा ज्यादा से ज्यादा ट्रांसमिशन परियोजनाएं सामने आएं। उन्होंने कहा, “हम मनोनयन आधार पर सिर्फ अपवाद स्वरूप मामलों में ट्रांसमिशन परियोजना को पूरा होने की अनुमति देंगे।”

उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि ट्रांसमिशन क्षेत्र में सुधार की काफी कोशिशें की गई हैं और मुमकिन है कि सरकार की योजना अगले तीन वर्षों में दक्षिण में क्षमता को बढ़ाकर दोगुना करने की है। मंत्री आगे कहा कि पहली बार सरकार ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ट्रांसमिशन और वितरण के लिए दस हजार करोड़ रुपये खर्च किये हैं।

गोयल ने कहा, “हमने जारी परियोजनाओं को गति देने की गंभीर कोशिशे की हैं और पिछले 18 महीनों में नई परियोजनाओं के लिए नीलामी पर काम किया है। हम आपको बताना चाहते हैं कि पिछले साल हमने कई दशकों में पहली बार अपने ट्रांसमिशन के सौ प्रतिशत को हासिल कर लिया है।”

मंत्री यह भी कहा कि हमारे मंत्रालय में हम सबकुछ एप में बदल रहे हैं जिससे आम जनता को यह बताया जा सके कि हम क्या कर रहे हैं और देखरेख के कार्यो में कैसा काम हो रहा हैं। उन्होंने कहा, “आप हमारी कोशिशों में हिस्सा लेकर हमारे कार्य-निष्पादन उसी जोशोखरोश, ईमानदारी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे संकल्प की निगरानी कर सकते हैं।”

गोयल ने जानकारी दी कि आज लगभग 2.6 करोड़ टन कोयले की सौ बिजली संयंत्रों में उपलब्धता है जो तापीय बिजली संयंत्र में 21 दिनों के लिए कोयला उपलब्धता के बराबर है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सिक्किम में 7 वर्षो से लंबित तीस्ता परियोजना पटरी पर आ चुकी है।

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