पटना, 17 दिसंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले ही राज्य में एक अप्रैल से पूर्ण शराबबंदी की घोषणा कर दी हो, मगर उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग द्वारा जारी एक पत्र से स्पष्ट है कि सरकार अब खुदरा शराब भी खुद बेचेगी और अगले साल अप्रैल से सिर्फ देसी शराब पर प्रतिबंध लागाएगी।
विभाग के उत्पाद आयुक्त द्वारा 15 दिसंबर को पत्रांक 3826 से जारी की गई चिट्ठी से स्पष्ट है कि नए वित्तीय वर्ष से बिहार स्टेट बिवरेज कॉरपोरेशन (बीएसबीसीएल) खुदरा में भी विदेशी शराब बेचने की योजना बना ली है।
उत्पाद विभाग ने खुदरा विदेशी शराब की दुकान और गोदाम के लिए जमीन खोजने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उत्पाद आयुक्त द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि जिले में जहां भी सरकारी जमीन उपलब्ध है, वहां बीएसबीसीएल को गोदाम और दुकान के लिए उपलब्ध कराएं।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में बीएसबीसीएल शराब की थोक ब्रिकी करता है। कॉरपोरेशन ने भी सुरक्षा गार्ड और कर्मियों की नियुक्ति के लिए 15 दिसंबर को निविदा जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों शराबबंदी पर संशय को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा था कि राज्य में शराबबंदी को लेकर कोई ‘कन्फ्यूजन’ नहीं है। शराबबंदी अभी नहीं, अगले साल अप्रैल से लागू होगी।
इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्पाद आयुक्त के पत्र के सामने आने पर कहा कि सरकार शराबबंदी की घोषणा को लेकर अब पीछे हट रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि नीतीश कुमार की कथनी और करनी में फर्क साफ दिख रहा है। मुख्यमंत्री कुछ बोल रहे हैं जबकि उनके अधिकारी कुछ और कर रहे हैं।
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