देश में श्रमिकों की संख्या बढ़ी

नई दिल्ली, 18 दिसम्बर (आईएएनएस)। देश के चुने हुए श्रमसाध्य क्षेत्रों में अप्रैल 2012 से मार्च 2015 के बीच श्रमिकों की संख्या में 11.5 लाख की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बात शुक्रवार को संसद में कही गई।

श्रम मंत्रालय रोजगार की स्थिति पर आर्थिक सुस्ती के प्रभाव का जायजा लेने के लिए 2009 से तिमाही रोजगार सर्वेक्षण करता आ रहा है। यह सर्वेक्षण निर्यातोन्मुख कपड़ा, हस्तकरघा और विद्युतकरघा, धातु, रत्न एवं आभूषण, वाहन, परिवहन, चमड़ा और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में किया जाता है।

केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने राज्यसभा में अपने बयान में कहा, “रोजगार-बेरोजगारी पर राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय द्वारा कराए गए गत तीन सर्वेक्षणों के मुताबिक श्रमिकों की संख्या 2004-05 के 45.90 करोड़ के मुकाबले 2009-10 में 46.02 करोड़ और 2010-11 में 47.38 करोड़ हो गई है।”

मंत्रालय ने हालांकि कहा कि कृषि एवं सहायक गतिविधियों में श्रमिकों की संख्या 2009-10 के 24.48 से घटकर 2011-12 में 23.17 करोड़ हो गई। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्र में यह संख्या 9.90 करोड़ से बढ़कर 11.49 करोड़ हो गई और सेवा क्षेत्र में यह 11.64 करोड़ से बढ़कर 12.73 करोड़ हो गई।

सिंह ने कहा कि सरकार ने देश में रोजगार बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री जन धन योजना, स्वच्छ भारत मिशन और अल्पसंख्यक समुदाय के कौशल विकास के लिए सीखो और कमाओ योजना शामिल हैं।

मंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक 2014-15 में करीब 76.11 लाख लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया है।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493