पटना, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को रेल में सफर कर रही एक लड़की का ट्वीट पढ़कर रेल अधिकारियों को तुरंत कारवाई का निर्देश दिया। कारवाई के बाद युवती यात्री को उसकी आरक्षित सीट मिल गई और मनचलों से पीछा छूटा।
पुलिस के अनुसार, पटना से नई दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के कोच नंबर एस-11 में सवार एक युवती को जब कुछ मनचलों ने छेड़ा तो उसने दिलेरी दिखाते हुए अपने मोबाइल से ट्वीट कर इसकी शिकायत सीधे रेलमंत्री और रेल मंत्रालय से कर दी।
दानापुर रेल मंडल के प्रवक्ता संदीप कुमार सिंह ने बताया कि रेल मंत्रालय से आई सूचना के बाद ट्रेन को आरा में रोककर शिकायत की जांच कराई की गई और पीड़ित युवती को उसकी आरक्षित सीट उपलब्ध कराई गई।
आरा रेल थाना के प्रभारी परशुराम सिंह ने बताया कि लखनऊ में आयोजित एक प्रतियोगिता परीक्षा के कारण ट्रेन में परीक्षार्थियों की काफी भीड़ थी। एस-11 बोगी में भी बिना आरक्षण वाले कई यात्री घुस गए। सफर के दौरान बोगी में कुछ मनचले युवक युवती की सीट पर बैठ गए और उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास करने लगे। युवती के विरोध के बावजूद मनचले जब नहीं माने तब युवती ने अपने मोबाइल से ट्वीट कर इसकी शिकायत सीधे रेलमंत्री और रेल मंत्रालय से कर दी।
उन्होंने कहा कि आरा में ट्रेन के रुकते ही आरोपी युवक फरार हो गए। उस बोगी से गैर आरक्षण वाले सभी यात्रियों को उतार दिया गया, उसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।
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