तिरुवनंतपुरम, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष कुम्मानम राजशेखरन ने शनिवार को कहा कि मंदिरों को राज्य के नियंत्रण से मुक्त किया जाए और अवैध रूप से छीन ली गई भूमि मंदिरों को वापस की जाए।
राजशेखरन ने पार्टी की राज्य इकाई का अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, “चर्चो और मस्जिदों को आजादी मिली हुई है, लेकिन मंदिरों को नहीं और यह हमारी दृढ़ राय है कि मंदिरों को श्रद्धालुओं द्वारा एक लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जाए।” राजशेखरन को शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
उन्होंने कहा कि लगभग 1300 मंदिर राज्य के स्वामित्व वाले देवासम बोर्डो द्वारा संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आखिर बोर्ड इन मंदिरों को क्यों संचालित कर रहे हैं? इन्हें श्रद्धालुओं पर छोड़ देना चाहिए, जैसा कि राज्य में बाकी 4000 मंदिरों के साथ है, जिन्हें श्रद्धालु चलाते हैं।”
राजशेखन (63) ने कहा कि उन सभी प्रमुख मंदिरों पर राजनीतिज्ञों का वर्चस्व है, जहां से कमाई होती है। इन मंदिरों में सबरीमाला और गुरुवयूर स्थित श्री कृष्ण मंदिर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बोर्डो द्वारा संचालित 1300 मंदिरों में से मात्र 30 लाभ में हैं।
राजशेखरन ने मंदिरों की भूमि और संपत्ति का अतिक्रमण रोकने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “विभिन्न मंदिरों की 25,000 एकड़ से अधिक भूमि छिन गई है और हम मांग करते हैं कि इसे वापस लौटाई जाए।”
राजशेखरन ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर अपनी नियुक्ति के बारे में कहा, “मैं अपनी नियुक्ति को एक जिम्मेदारी के रूप में देखता हूं और इसके साथ मैं एक नए चरण में प्रवेश कर रहा हूं। यह मत भूलिए कि दीनदयाल उपाध्याय जनसंघ के अध्यक्ष थे। भाजपा की राज्य इकाई का नेतृत्व करने में मैं खुद को अयोग्यता नहीं पाता।”
उन्होंने कहा कि केरल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने वाला है।
राजशेखरन ने कहा कि उनका पहला काम अपनी टीम बनाना और उसके बाद केरल के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करना होगा।
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