सोनिया, राहुल को जमानत, कांग्रेस ने साधा मोदी पर निशाना (राउंडअप)

नई दिल्ली, 19 दिसम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को नेशनल हेराल्ड मामले में पटियाला हाउस अदालत में पेश हुए, जहां से उन्हें बिना शर्त जमानत मिल गई।

वहीं अदालत से बाहर कांग्रेस ने इसे राजनीतिक संघर्ष का रूप देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर हमला किया और सुब्रमण्यम स्वमी को प्रधानमंत्री के हाथ की ‘कठपुतली’ करार दिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर मुकदमे में दोनों शीर्ष कांग्रेस नेता अपराह्न 3.0 बजे पटियाला हाउस अदालत में महानगर दंडाधिकारी लवलीन के समक्ष पेश हुए, जहां से उन्हें 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई।

सोनिया और राहुल के साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और गुलाम नबी आजाद अदालत में मौजूद थे। सोनिया की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ थीं।

कांग्रेस कार्यकर्ता अपने दोनों शीर्ष नेताओं के प्रति समर्थन जाहिर करने के लिए बहुत सवेरे से ही 24 अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय पर इकट्ठा होने लगे। राहुल और सोनिया को जमानत मिलने के बाद पार्टी कार्यकताओं ने जश्न मनाया।

अदालत से बाहर निकलने के बाद सोनिया और राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर अपने विरोधियों को झुकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि वे डरे नहीं हैं और आगे भी लड़ाई जारी रखेंगे।

भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस को भ्रष्ट पार्टी बताया।

दोनों कांग्रेस नेताओं की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं को बताया कि याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने दोनों कांग्रेस नेताओं की विदेश यात्रा पर रोक लगाने की याचिका दी थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया।

सिब्बल ने सुनवाई के बाद संवाददाताओं से कहा, “हमने सभी आरोपियों की ओर से जमानत के लिए अदालत के समक्ष याचिका पेश की। अदालत ने बिना शर्त प्रत्येक आरोपी को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी।”

कांग्रेस नेता ए. के. एंटनी ने सोनिया गांधी की जबकि प्रियंका ने अपने भाई राहुल गांधी की जमानत भरी।

सिब्बल ने कहा, “स्वामी ने आरोपियों की विदेश यात्रा पर कुछ शर्ते लगाने का अनुरोध किया। लेकिन अदालत ने उनका अनुरोध ठुकरा दिया।”

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 फरवरी, 2016 की तिथि निर्धारित की। उस दिन अदालत में इस मुद्दे पर दोपहर दो बजे सुनवाई होगी।

स्वामी ने कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं पर एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के यंग इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) द्वारा अधिग्रहण में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। वाईआईएल में सोनिया और राहुल की 38-38 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।

इस मामले के अन्य आरोपियों में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, गांधी परिवार के मित्र सुमन दुबे और पार्टी के अन्य नेता ऑस्कर फर्नाडीस और प्रख्यात पत्रकार सैम पित्रोदा भी शामिल हैं।

सैम पित्रोदा को हालांकि निजी तौर पर अदालत में पेश होने से छूट मिल गई।

इस मामले में दोनों कांग्रेस नेताओं को निचली अदालत ने समन भेजा था, जिसे रद्द करने के लिए उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद निचली अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 19 दिसम्बर की तिथि निर्धारित की थी।

याचिकाकर्ता स्वामी ने कहा, “सोनिया और राहुल जब अदालत में घुसे तो उन्हें एक कोने में खड़ा कर दिया गया, जहां आरोपियों को खड़ा किया जाता है। वोरा को छोड़कर किसी आरोपी को बैठने की इजाजत नहीं दी गई।”

सोनिया ने कहा कि वह साफ दिल से कानून की इज्जत करने वाले किसी सामान्य नागरिक की तरह अदालत के सामने पेश हुईं।

उन्होंने कहा, “सभी पर कानून बिना किसी डर या पक्षपात के समान रूप से लागू होता है। मुझे इसमें जरा भी संदेह नहीं था कि सच सामने आ जाएगा।”

सोनिया ने कहा, “केंद्र की मौजूदा सरकार जानबूझकर अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। हममें से कोई भी इससे डरने वाला नहीं है। उनके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अपने आदर्शो की रक्षा और देश के गरीबों के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर मोदी के विरोधियों को झुकाने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वह कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं। हम ऐसा नहीं होने देंगे।”

इससे पहले गुलाम नबी आजाद ने भी मोदी पर स्वामी की मदद करने का आरोप लगाया, जबकि एक अन्य कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने स्वामी को मोदी के हाथ की ‘कठपुतली’ बताया।

स्वामी ने हालांकि अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया, वहीं भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि उनकी पार्टी का इस अदालती मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

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