बैंकरप्शी विधेयक के महत्वपूर्ण बिंदु

नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा सोमवार को लोकसभा में पेश इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्शी विधेयक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं :

– विधेयक में इस विषय पर मौजूद कई कानूनों का एक में विलय कर दिया गया है।

– बड़े कर्ज से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा।

– दिवालिया मामले से जुड़े पेशेवरों, पेशेवर एजेंसियों और सूचना सेवा कंपनियों के पर्यवेक्षण के लिए नियामक गठित किए जाने का प्रस्ताव।

– इस मामले में दो निर्णायक संस्थानों का प्रस्ताव। एक के क्षेत्राधिकार में कंपनियां आएंगी, जबकि दूसरे के क्षेत्राधिकार में व्यक्ति विशेष को दिवालिया घोषित करने से संबंधी मुद्दा आएगा।

– कर्ज नहीं चुकाने संबंधी मामले के निपटारे में लगने वाली अवधि को घटाने संबंधी प्रावधान। विधेयक में इसके लिए 180 दिनों की समय सीमा तय की गई है, जिसे अतिरिक्त 90 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है।

– कर्ज नहीं चुकाने वाले व्यक्ति से संबंधित मामले के लिए प्रक्रिया का प्रस्ताव, जिसमें कर्जदार और कर्जदाता आपसी विमर्श कर कर्ज भुगतान की सर्वसम्मत योजना पर पहुंच सके।

– निर्धारित सीमा से कम आय और संपत्ति वाले दिवालिया व्यक्ति के लिए नई शुरुआत करने की प्रक्रिया का प्रस्ताव।

– कर्ज चुकाने से संबंधित मामलों में सूचना सेवा देने वाली कंपनियों का प्रस्ताव, जो सूचीबद्ध कंपनियों और उन कंपनियों के कर्जदाताओं के बीच वित्तीय सूचनाओं के मिलान, प्रमाण और वितरण का काम करेगी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493