चेन्नई, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। अभिनेता-निर्माता सुरिया का मानना है कि आजकल बच्चे इंटरनेट की दुनिया में मग्न रहते हैं और उनकी जीवनशैली को दर्शाने वाले सिनेमा के जरिए ही उन्हें वास्तविक जीवन से परिचित कराया जा सकता है।
चेन्नई, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। अभिनेता-निर्माता सुरिया का मानना है कि आजकल बच्चे इंटरनेट की दुनिया में मग्न रहते हैं और उनकी जीवनशैली को दर्शाने वाले सिनेमा के जरिए ही उन्हें वास्तविक जीवन से परिचित कराया जा सकता है।
सुरिया ने आईएएनएस को एक साक्षात्कार में बताया, “हमारे दर्शक 18 से 30 साल उम्र के बीच के हैं। बच्चे मुश्किल से ही फिल्म देखने सिनेमाघरों में जा पाते हैं।”
अभिनेता ने आगे कहा, “मुझे समझ में नहीं आता कि हमारे पास बच्चों पर आधारित पर्याप्त फिल्में क्यों नहीं हैं और इसके लिए किसे दोषी ठहराया जाए?”
सुरिया दो बच्चों के पिता हैं। उन्होंने बताया कि स्वयं उनके बच्चे भी फिल्में नहीं देखते।
अभिनेता ने कहा, “मैं उन्हें अपनी फिल्में नहीं दिखा सकता। एनिमेटिड फिल्मों के अलावा वह कुछ नहीं देखते। वह मुश्किल से ही बाहर खेलने के लिए जाते हैं। वे अक्सर इंटरनेट की दुनिया में खोए रहते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं है।”
सुरिया ने कहा, “अगर हम अपने बच्चों का वास्तविक दुनिया से परिचय कराना चाहते हैं, तो हमें बच्चों पर आधारित फिल्में अधिक बनानी होंगी।”
अभिनेता को आशा है कि उनकी आगामी फिल्म ‘पासंगा 2’ को देखने के लिए अधिक से अधिक बच्चे सिनेमाघरों का रुख करेंगे।
यह फिल्म एटेंशन हाइपर एक्टीविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) यानी ध्यान आभाव सक्रियता विकार से जूझते बच्चों और उनके परिजनों के साथ उनके संबंधों को दर्शाती है।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक पांडीराज द्वारा निर्देशित फिल्म में सुरिया ने अतिथि भूमिका निभाई है।
इस फिल्म में बच्चों के साथ काम करने के अनुभव को सुरिया ने मजेदार और मुश्किल भी बताया।
अभिनेता के बैनर 2डी एंटरटेनमेंट के तहत बनी फिल्म के बारे में उन्होंने बताया कि कई लोग सोचते हैं कि यह फिल्म केवल बच्चों के लिए है, लेकिन यह अभिभावकों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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