नई दिल्ली, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संसद के शीतकालीन सत्र की समाप्ति पर बुधवार को सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से शुरू हुआ था।
महाजन ने आशा व्यक्त की कि संसद सदस्य कम से कम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए एक समझदारी भरा निर्णय लेंगे।
सदन को स्थगित करने पूर्व महाजन ने अपनी टिप्पणी में सदस्यों से आग्रह किया कि सदन में अधिकतम चर्चा और विधायी कार्य तथा न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं आशा करती हूं कि नव वर्ष में हम सदन में कम व्यवधानों और अधिक बहसों के लिए एक समझदारी वाला निर्णय लेंगे और यदि को नाराजगी और असहमति है तो उसे पूरी क्षमता के साथ दर्ज कराने के लिए उपलब्ध सभी संसदीय तरीकों का उपयोग करेंगे।”
महाजन ने कहा, “यह मेरी आशा है कि आगामी सत्रों में कोई व्यवधान नहीं होगा और हम फलदायी चर्चाओं और रचनात्मक बातचीत के लिए अच्छा काम करेंगे।”
लोकसभा में स्थगनों के कारण कुल आठ घंटा 37 मिनट बर्बाद हो गया। उसके बाद बर्बाद समय की भरपाई के लिए सदन में 17 घंटे और 10 मिनट कामकाज हुआ।
इसके पहले दिन में महाजन ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को आश्वस्त किया कि वह अध्यक्ष के आसन के पास नारेबाजी कर रहे सदस्यों के बारे में मंगलवार को उनके द्वारा की गई टिप्पणी में से दो शब्द हटा देंगी।
खड़गे ने कहा कि टिप्पणियां कांग्रेस पार्टी के बारे में थीं और उससे दुख पहुंचा था।
महाजन ने कहा कि विरोधरत सदस्यों को भी यह समझना चाहिए कि अन्य लोगों को भी इससे दुख हो सकता है। महाजन ने कहा कि उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा, “जिस तरीके से सदन को बाधित किया जा रहा था, उस पर विचार किया जाना चाहिए।”
कांग्रेस सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। उसके बाद वे सदन से बहिर्गमन कर गए।
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों ने पिछले कई दिनों से प्रश्नकाल को उचित तरीके से नहीं चलने दिया।
उन्होंने कहा कि सदस्यों को प्रदर्शन करने और बहिर्गमन करने का अधिकार है, लेकिन वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है और इस समय वह दुनिया के सबसे ताकतवर नेता हैं।
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