देहरादून, 23 दिसम्बर (आईएएनएस)। एक निजी चिकित्सक से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर राज्यभर में गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए सभी निजी चिकित्सक उत्तराखण्ड उच्च न्यायलय के सख्त आदेशों के बाद काम पर लौट आए हैं।
नैनीताल उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश के.एम. जोजेफ तथा जस्टिस वी.के.बिष्ट की पीठ गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी चिकित्सकांे को तत्काल काम पर लौटने के सख्त निर्देश दिए।
उत्तराखण्ड यूथ बार एसोसिएशन ने उच्च न्यायलय में जनहित याचिका दाखिल कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी। याचिका में कहा गया है कि यह कार्य आवश्यक सेवा नियमावली के तहत आता है। हड़ताल के कारण मरीजों की जान पर बन आई है। न्यायालय ने सरकार को इस प्रकरण में चार जनवरी तक अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
उत्तराखण्ड आईएमए के महासचिव डा. चन्द्र शेखर जोशी ने बताया कि फिलहाल न्यायलय के आदेशों के कारण हड़ताल स्थगित कर दी गई है लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि निजी चिकित्सक से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर राज्य में सभी निजी अस्पतालों के बंद के कारण आज मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राज्य में नैनीताल जनपद अंर्तगत हल्द्वानी स्थित 350 बिस्तरों वाले सेंट्रल हास्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. प्रमोद जोशी व हास्पिटल के निदेशक संजय शर्मा से चार दिन पूर्व 65 वर्षीय एक मरीज की पेसमेकर लगाने के बाद मृत्यु होने से नाराज परिजनों ने मारपीट की थी।
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